अमर भारती : गुरुवार को नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ है। ठीक दो साल पहले मोदी सरकार ने 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे। पीएम की इस घोषणा से हर ओर अफरा-तफरी मच गई थी। राने नोट बैंक से बदलने का आदेश जारी हुआ था जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। सरकार नोटबंदी को बड़ी उपलब्धि बताती रही है, तो विपक्ष इसे आर्थिक आपदा बताता रहा है।

दो साल पूरे होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए माफी मांगने की मांग की है। कई कांग्रेस नेताओं ने ट्वीट कर नोटबंदी पर नाराजगी जाहिर की है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मोदी सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने इसे ‘बीमार सोच’ वाला और ‘मनहूस’ कदम करार दिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए एकबार फिर नोटबंदी के फैसले दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताया है। सिंह ने कहा कि 2016 में लिए गए इस फैसले का खामियाजा आज तक देश की जनता भुगत रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने के मौके पर वीरवार को नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा और कहा कि अर्थव्यवस्था की “तबाही’ वाले इस कदम का असर अब स्पष्ट हो चुका है तथा इससे देश का हर व्यक्ति प्रभावित हुआ। सिंह ने एक बयान में भी कहा कि मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के दिन को ‘काला दिवस’ करार दिया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट कर नोटबंदी की ‘कीमत’ समझाई है। थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया है।

नोटबंदी के बचाव में उतरे वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी फैसले का बचाव किया। नोटबंदी के फैसले के बाद से लोगों को टैक्स सिस्टम से बचने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों में लगभग पूरी नकदी जमा होने पर आलोचना हो रही है, मगर नोटबंदी का फैसले के पीछे नोटों को जब्त करने का उद्देश्य ही नहीं था बल्कि उसे बैंकों के रास्ते औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाना था।


यदि आप भी मीडिया क्षेत्र से जुड़ना चाहते है तो, जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से:-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here