अमर भारती : दिल्ली में दिवाली की रात से हवा खतरनाक हो गई है। हवा की गुणवत्ता बुधवार की रात ‘बेहद खराब’ की श्रेणी की तरफ बढ़ गई। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे फोड़ने को लेकर रात 8 से 10 बजे की समयसीमा तय की थी पर लोगों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। इससे हवा में प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया।

एयर क्वालिटी इंडेक्स दिल्ली के कई इलाकों में 999 पहुंच गया है। आनंद विहार में लेवल 999, अमेरिकी दूतावास चाणक्यपुरी के आसपास 459 और मेजर ध्यान चंद नैशनल स्टेडियम के आसपास 999 पहुंच गया, जो हवा की गुणवत्ता की ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बुधवार रात 9 बजे स्थिति और खराब हो गई और AQI 514 पर पहुंच गया।

दिल्ली और एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने पर 100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई हुई है। दिल्ली से सटे नोएडा में ही 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर पश्चिम दिल्ली में 140 किलोग्राम पटाखे सीज किए और 57 मामले दर्ज किए हैं।

इसके अलावा, 200 किग्रा पटाखे द्वारका में सीज किए हैं और 42 मामले दर्ज किए हैं।  वहीं, दक्षिण पूर्व दिल्ली में 228 किलो पटाखे बरामद करने के साथ 23 पर एफआइआर हुई है और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तरी दिल्ली में 72 किलोग्राम पटाखे सीज करने के साथ 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या था सुप्रीम कोर्ट का आदेश?

SC ने सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी। ग्रीन पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं। कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो सकती है और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी। कोर्ट ने दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही पटाखों की ऑनलाइन बिक्री भी रोक दी गई थी।

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