अमर भारती :  सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के सनसनीखेज मामले में नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं तो वहीं अब तुर्की के मुख्य अभियोजक ने पहली बार इस अपराध का ब्योरा सार्वजनिक किया है।

तुर्की में इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक इरफान फिदान के कार्यालय से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि पूर्व में ही योजना बना ली गई थी। दो अक्टूबर को पीडि़त जमाल खशोगी की हत्या वाणिज्य दूतावास में घुसते ही कर दी गई थी।

वह वहां शादी से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने गए थे। मौत के बाद उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। यह काम भी योजना के मुताबिक किया गया था।

वहीं यह बयान सऊदी अरब के मुख्य अभियोजक के इस्तांबुल छोड़ने के कुछ ही घंटे बाद जारी किया गया है। तुर्की के अभियोजक कार्यालय ने अपने बयान में कहा है कि सच्चाई तक पहुंचने के लिए बहुत प्रयास किए गए लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है।

बता दें, तुर्की की मीडिया ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रियाद से भेजी गई टीम ने 59 वर्षीय खशोगी के शव के टुकड़े कर दिए। पत्रकार का शव अभी तक नहीं मिला है। वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभ लेखक खशोगी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक थे।

 2 अक्टूबर को इस्तानबुल में सऊदी दूतावास में जाने के बाद एकाएक उनके गायब होने की खबर आई थी। वह अपनी मंगेतर से शादी से संबंधित कागजी कार्रवाई करने दूतावास गए थे, जबकि उनकी मंगेतर दूतावास के बाहर इंतजार कर रही थी। सऊदी के शाही परिवार के आलोचक कहे जाने वाले खशोगी अमेरिका में रह रहे थे।

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