अमर भारती : साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित की किस्मत का फैसला आज होगा। आरोपी पुरोहित ने एनआईए के उस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी बनाया गया है।

कोर्ट आज सुनवाई के बाद तय करेगी कि पुरोहित पर लगे आरोप सही या गलत। धमाकों का आरोपी कर्नल पुरोहित अभी जमानत पर बाहर है। उसने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा रहा है। हालांकि एनआईए की विशेष अदालत ने बीती 20 अक्टूबर को यूएपीए की धाराएं हटाए जाने संबंधी आरोपी की याचिका खारिज कर दी थी।


क्या था मामला

महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को खौफनाक बम ब्लास्ट हुआ था। उस धमाके में 7 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ये धमाका रमजान के माह में उस वक्त किया गया था, जब मुस्लिम समुदाय के बहुत सारे लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे।

इस धमाके के पीछे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों का हाथ होने की बात सामने आई थी। जिसमें साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित भी शामिल था। बताते चलें कि मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा समेत सात आरोपियों को अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट जमानत मिल गई थी। आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को 5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली थी।

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