अमर भारती : सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच विवाद अब अपने चरम पर है। इस बीच, मामले में एक नया मोड़ आया है। विवादों में उलझे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया है।

इसी के साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। अब वह सीबीआई का कामकाज देखेंगे और इस मामले की भी जांच करेंगे। सूत्रों ने बताया कि ऐसी सूचना है कि सीबीआई मुख्यालय सील कर दिया गया है। वहां न तो सीबीआई कर्मियों और न ही बाहरी लोगों को जाने की इजाजत दी जा रही है, क्योंकि अधिकारियों की एक टीम इमारत में है।

केस से जुड़े लोगों को हटाया

बुधवार सुबह ही नागेश्वर राव ने कामकाज संभालते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया। नागेश्वर राव ने बुधवार सुबह ही ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण शर्मा को जेडी पॉलिसी, जेडी एंटी करप्शन हेडक्वार्टर से हटा दिया।

इसके अलावा AC III के डीआईजी मनीष सिन्हा को भी उनके पद से हटा दिया गया है। सीबीआई ने राकेश अस्थाना के मामले को फास्ट ट्रैक इन्वेस्टिगेशन में डाल दिया है। आपको बता दें कि ये सभी वो लोग थे जो कि घूसकांड से जुड़े मामलों की जांच कर रहे थे। इसके अलावा बुधवार सुबह ही सीबीआई ने अपने दफ्तर के 10वें और 11वें फ्लोर को सील कर दिया है।

कौन है नागेश्वर राव?

नागेश्वर राव अभी सीबीआई में संयुक्त निदेशक के तौर पर काम कर रहे थे। राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और वो तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा की जगह नागेश्वर राव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से कर दी है।

राव की छवि एक सख्त अफसर की रही है. उनके कामकाज का ही नतीजा है कि उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार, स्पेशल ड्यूटी मेडल, ओडिशा राज्यपाल मेडल समेत कई अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

नागेश्वर राव के करियर की शुरुआत ही बड़े धमाके के साथ हुई थी, उनकी पहली पोस्टिंग तालचेर में 1989-90 में हुई थी। तालचेर को कोयला माफियाओं का गढ़ माना जाता था। उन्होंने पोस्टिंग के बाद वहां कानून व्यवस्था में जबरदस्त सुधार किया था।

क्या है मामला

एजेंसी ने अस्थाना और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मांस निर्यातक मोइन कुरैशी से घूस लेने के आरोप में रविवार को एफआईआर दर्ज की थी। कुरैशी धनशोधन और भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहा है।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2017 और अक्टूबर 2018 के बीच कम से कम पांच बार रिश्वत दी गई। इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया।

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