अमर भारती : बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच सीट शेयरिंग पर समझौता हो गया है। सूत्रों के मुताबिक बिहार में भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के बीच लोकसभा सीटों को लेकर जारी घमासान भी अब शांत हो गया है क्योंकि दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर सहमति बन गई है।

जानकारी के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा की नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के लिए महज दो सीट छोड़े गए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि अग कुशवाहा दो सीटों पर नहीं मानते हैं तो उन दोनों सीटों को जेडीयू-बीजेपी आपस में बांट लेगी।

नीतीश कुमार की पार्टी को 16 सीटें मिलने की बात सामने आई हैं तो वहीं बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार की 17 सीटों पर उम्मीदवार मैदान पर उतरेगी. इसके अलावा बाकी बची सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार उतारे जाएंगे। जिनमें रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी को पांच सीट और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएसएलपी को दो सीटें मिली हैं।

लोजपा पांच सीटों पर मान गई है, लेकिन कुशवाहा अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व कुशवाहा को 2 सीटों से अधिक देने पर राजी नहीं हैं। इससे पहले सूत्रों से जो खबर आ रही थी उसके मुताबिक बीजेपी अपने हिस्से में अधिक सीटें रखना चाह रही थी। नए समीकरण के मुताबिक, अब बिहार में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी दोनों ही बराबर की भूमिका में रहेंगे।

बता दें कि बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में अकेले बीजेपी के खाते में 22 सीटें गईं थीं। वहीं, आरजेडी 4, लोजपा 6, आरएलएसपी 3, जेडीयू 2, कांग्रेस 2 और एनसीपी को एक सीट जीतने में सफलता मिली थी। अगर हम एनडीए की बात करें तो 31 सीटें जीतने में सफल रही थी।

यदि आप पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ना चाहते है,तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से :-

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here