अमर भारती  : नागपुर में ब्रह्मोस युनिट से जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है वे शख्स पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अमेरिकन एजेंसियों के लिए काम करता है।

शख्‍स से पूछताछ की जा रही है। उसके बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसका भी पता लगाया जा रहा है कि उसने क्‍या-क्‍या सूचनाएं लीक की हैं। निशांत अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल से जुड़ी टेक्निकल जानकारी अमेरिकी और पाकिस्तानी एजेंसी को दी है।

निशांत अग्रवाल उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पिछले चार साल से DRDO की नागपुर यूनिट में काम कर रहे हैं। रविवार की रात को टीम ने कानपुर से एक महिला को भी गिरफ्तार किया था। लेकिन कुछ जानकारी नहीं मिली। वह सिस्टम इंजीनियर्स, टेक्निकल सुपरवाइज़र्स और टेक्नीशियन्स सहित 40 लोगों की टीम को मैनेज करता था। वह ब्राह्मोस के सीएसआर और टेक्नोलॉजी आर एंड डी ग्रुप का मेंबर भी था।

इसी के साथ ही वह ब्रह्मोस नागपुर और पिलानी साइट्स में नए प्रोजेक्ट्स की भी निगरानी कर रहा था। आपको बता दें कि ब्रह्मोस कम दूरी की सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से पानी के जहाज से विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है।

1. ब्रह्मोस कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है इसलिए रडार की पकड़ में नहीं आती।

2. भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर ब्रह्मोस का नाम रखा गया है. ये इस लिए कि इसे DRDO ने भारत-रूस के ज्वाइंट वेंचर के तौर पर डेवलप किया।

3. ब्रह्मोस 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से 290 किलोमीटर तक के ठिकानों पर अटैक कर सकती है।

यदि आप पत्रकारिता क्षेत्र में रूचि रखते है तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से:-