अमर भारती : बिहार के मुंगेर जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 20 एके47 राइफल मिल चुकी हैं। इसके बाद भी वहां खोजी अभियान जारी है। पुलिस इस सर्च ऑपरेशन के दौरान गंगा नदी में मिलने वाले नालों को भी खंगाल रही है। ये सारी कवायद कई घटनाओं में एके47 का इस्तेमाल किए जाने के बाद शुरू की गई है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 2.5 लाख में देसी एके-47 उपलब्ध हो रही है। कहा जाता है कि एके-47 को चलाना बेहद आसान है। कट्टा और बंदूक को चलाने के लिए जहां प्रशिक्षण की जरूरत होती है, वहीं, एके-47 को हर वह शख्स चला सकता है जो इसे उठा सके।

दरअसल, बिहार के मुंगेर जिले से बड़े पैमाने पर एके47 के स्पेयर पार्ट्स जब्त किए गए हैं। जो पुलिस ने नदियों और कुओं से बरामद किए हैं। बीती 29 अगस्त को हथियार तस्करी रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद एक पखवाड़े से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस को 20 एके47 और उसके 500 पार्टस बरामद हुए हैं, जिन्हें फेंक दिया गया था।

पुलिस मुंगेर जिले के विभिन्न हिस्सों में खोज कर रही है। मुंगेर जिला पिछले कई दशकों से उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत हथियार और गोला बारूद के गैरकानूनी निर्माण के लिए कुख्यात हो गया है। वहां गंगा के किनारे से एके47 के 281 स्पेयर पार्ट्स बरामद किए गए हैं।

इसी ऑपरेशन के तहत मंगलवार को पुलिस ने मफसिल पुलिस स्टेशन के मंज़ार वर्धा गांव में एक घर पर छापा मारा था। जहां से पुलिस को एके47 राइफल के 91 स्पेयर पार्ट्स बरामद हुए थे। हैरानी की बात ये है कि पुलिस की दबिश से पहले ही घर के सदस्य वहां से फरार हो गए थे।

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक बाबूराम ने बताया कि पुलिस ने एक पखवाड़े पहले एक आमना खातून नामक महिला को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया था कि एके47 के स्पेयर पार्ट्स गांव के एक कुएं में छिपाए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर स्पेयर पार्ट्स बरामद कर लिए थे।

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