अमर भारती :  नई दिल्ली, प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता मिशन “एक कदम स्वच्छता  की ओर” से दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव के नई दिल्ली अपार्टमेंट  में स्मिता झा जो कि एक गृहणी व समाज सेविका हैं  और डॉ. आशा पालीवाल जो अध्यापिका व कौंसिलर हैं, इतनी प्रभावित हुईं  कि  उन्होंने  २ अक्टूबर २०१५ को अपने अपार्टमेंट में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की | पहले तो अपार्टमेंट के लोगों  को साथ जोड़ कर अपार्टमेंट व आसपास सफाई की किन्तु  इतने से ही वह संतुष्ट नहीं हुईं और फिर दोनों ने मिल कर एक निर्णय लिया कि लोगों  को प्रेरित करके प्रदूषण को कम करने के लिए गीला कूड़े (रसोई घर के कूड़ा ) को खाद में परिवर्तित करने का कार्य करेंगी | 
इसके लिए इन दोनों ने मिलकर एक पीपीटी बनाया कि गीले कूड़े को खाद में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है व उसके क्या क्या फायदे हैं और जब गीला कूड़ा सड़ता है तो क्या नुकसान होता है और इस प्रस्तुतीकरण  (पीपीटी) का घर घर जाकर परिवारों को दिखाया व समझाया और इस तरह ३० परिवारों को जोड़ कर गीले कूड़े से खाद बनाने के लिए बैंगलोर से मशीन मंगवाई | मार्च २०१६ से यह कार्य नई दिल्ली अपार्टमेंट में सफलतापूर्वक चल रहा है | धीरे धीरे कुछ और भी परिवार जुड़े हैं  |
जो खाद तैयार होती है वह उन परिवारों एवं सोसाइटी के प्रयोग में आती है | इस तरह का सामूहिक प्रयास पूर्वी दिल्ली के किसी अपार्टमेंट में पहला  है | यह अभियान धीरे -धीरे और भी स्थानों पर प्रारम्भ हुआ | प्रेरणा पाकर कुछ लोगों ने व्यक्तिगत रूप में यह कार्य शुरू किया |
खाद बनाने की प्रक्रिया में एक तरल पदार्थ भी निकलता है उसे हम तरल खाद कह सकते हैं जो पौधों व मिटटी के लिए अत्यंत लाभकारी होती है | इस प्रकार खाद व तरल खाद से अपार्टमेंट के पौधों में भी एक नयी जान आ गयी है |
सलाम है उनके जज्बों को पर्यावरण को बचाने, सफाई रखने व उपयोगी खाद के निर्माण के इस प्रयास के लिए |
यह भी देखें-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here