अमर भारती: हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से भारी बारिश के चलते कई जगाहों पर हालत बाढ़ जैसी हो गई है। इससे रावी और ब्यास का पानी इतना बढ़ गया कि पंडोह, लारजी और चमेरा डैम के गेट खोलने पड़े। कुल्लू मनाली से लेकर बजौरा तक ब्यास में 23 साल बाद इतना ज्यादा पानी देखा गया है। डोभी नाले में अचानक बाढ़ आने से 25 लोग फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है।

शिमला-रोहड़ू नेशनल हाईवे बंद कर दियी गया है। नाहन-शिमला वाया कुम्मारहट्टी नेशनल हाईवे करीब पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्वारघाट के समीप भूमक स्थान में पहाड़ी से गिरी भारी भरकम चट्टानों से ठप हो गया। चंबा-पठानकोट मार्ग तीन जगहों पर भूस्खलन के चलते यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ गया।

भारी बारिश और बाढ़ के आसार को मद्देनजर रखते हुए राज्य में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। भूस्खलन और बारिश के चलते राज्य में कई सड़कों को बंद कर दिया गया है। शुक्रवार से हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। जानकारी के मुताबिक, 125 सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद हो गई हैं। मंडी और मनाली नेशनल हाइवे को भी बंद कर दिया गया है।

शनिवार को मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि फिलहाल मौसम का यही हाल रहने वाला है। साथ ही भारी बारिश की भी आशंका जताई गई थी। प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश और बर्फबारी होने के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

नदी से सटे कई रिहायशी इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया। तीन से चार फीट तक पानी जमा होने से इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाकर अपनी जान बचाई।

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