अमर भारती : भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान माल्या ने एक बयान देकर बड़ा धमाका कर दिया है। माल्या ने कहा कि वह भारत छोड़ने से पहले वित्तमंत्री से मिलकर आए थे। माल्या ने कहा, ‘वह सेटलमेंट को लेकर वित्त मंत्री से मिले थे, लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट प्लान को लेकर सवाल खड़े किए।’ माल्या ने कहा कि वह अपना बकाया चुकाने के लिए तैयार हैं। माल्या ने कहा कि मुझे बलि का बकड़ा बनाया गया। बैंकों का करीब 9 हज़ार करोड़ लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर आज लंदन की अदालत में सुनवाई हुई। बता दें कि लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के अधिकारियों ने मुंबई की आर्थर रोड जेल में माल्या को रखने के लिए तैयार सेल का विडियो पेश किया।

कोर्ट में सुनवाई के बाद पत्रकारों ने जब वित्त मंत्री से मुलाकात को लेकर सवाल पूछा तो माल्या ने कहा कि वह इस मीटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दे सकते हैं। गौरतलब है कि जिस समय माल्या देश छोड़कर गए, उस समय अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। बातचीत के दौरान माल्या ने कहा कि वह कोर्ट में दिखाए गए जेल के विडियो को देखकर प्रभावित हैं। माल्या ने कहा कि अपने बकाए को सैटल करने के लिए उन्होंने बैंकों को कई बार पत्र लिखे थे, लेकिन बैंकों ने उनके पत्रों पर सवाल खड़े किए थे।

माल्या ने कहा कि निश्चित तौर पर उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह उनसे सहमत नहीं हैं। इसके अलावा इस बारे में कोर्ट ही अंतिम फैसला लेगी। बता दें कि माल्या ने कहा था कि भारतीय जेलों की हालत बेहद खराब है, इसलिए उन्हें भारत को न सौंपा जाए। प्रत्यर्पण से बचने के लिए माल्या की इस दलील के बाद ब्रिटिश कोर्ट ने भारतीय अधिकारियों से जेल का विडियो पेश करने को कहा था।

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