अमर भारती :  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को लंदन में दिए अपने एक भाषण में कहा कि 2014 में हमारी हार की मुख्य वजह हमारा थोड़ा अहंकार था जो कि 10 साल तक लगातार सत्ता में रहने पर हममे आया। इस हार से हमने सबक लिया है। उन्होंने कहा कि अगला आम चुनाव बेहद सीधा है। एक तरफ भाजपा-आरएसएस है, दूसरी तरफ विपक्ष की सभी पार्टियां हैं।

बता दें कि विदेश में दिए बयानों को लेकर राहुल और आरएसएस के बीच काफी तनानतनी चल रही है। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने आरएसएस की तुलना भी मुस्लिम ब्रदरहुड से कर दी है। लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों उत्तर प्रदेश में विपक्षी खेमा एकजुट होकर चुनाव लड़ा तो बीजेपी को 5 सीटें भी नहीं मिलेंगी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का हाल के दिनों में जिस तरह से हिंदू मंदिरों में आना-जाना बढ़ा है, उसी तरह से उनका लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना भी बढ़ा है। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिली, जबकि सत्ता विरोधी लहर को धता बताते हुए कर्नाटक में वह गठबंधन सरकार बनाने में सफल रही। इन दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मंदिर जाते रहे जिसका फायदा उन्हें मिलते हुए भी दिखा। लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स (एलएसई) में छात्रों के साथ संवाद करते हुए जिनमें ज्यादातर भारतीय थे, राहुल गांधी ने कहा- 2019 में बीजेपी का एक बड़े गठबंधन के साथ सामना होगा। उन्होंने कहा- “हम यह मानते हैं कि हमारी प्राथमिकता पहले बीजेपी को हराना है और संस्थानों पर अतिक्रमण को रोकना है। वो जहर को रोकना है जो फैलाया जा रहा है, वह विभाजन रोकना है जो इस वक्त हो रहा है।”

गौर करने वाली बात है कि राहुल गांधी लगातार यह संदेश देना चाह रहे हैं कि आरएसएस देश को अपने अधिनायकवादी विचारों से संचालित करना चाहता है। इसलिए उन्होंने लंदन में कहा, “हम एक संगठन से संघर्ष कर रहे हैं जिसका नाम आरएसएस है जो भारत के मूल स्वरूप (नेचर ऑफ इंडिया) को बदलना चाहता है। भारत में ऐसा कोई दूसरा संगठन नहीं है जो देश के संस्थानों पर कब्जा जमाना चाहता हो। राहुल गांधी के चार दिवसीय यूरोप दौरे का आज आखिरी दिन है। इस दौरान माना जा रहा है कि वो इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में सरकारी मंत्रियों और अन्य बड़े राजनेताओं से मिल सकते हैं और भारतीय समुदाय के लोगों की एक सभा को भी संबोधित कर सकते हैं। फिलहाल वो ब्रिटेन में ही हैं और आज वहां उनका दूसरा दिन है।

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