अमर भारती : विदेश जाकर राहुल गांधी भाजपा पर लगातार हमले कर रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने आरएसएस की तुलना भी मुस्लिम ब्रदरहुड से कर दी है। लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों उत्तर प्रदेश में विपक्षी खेमा एकजुट होकर चुनाव लड़ा तो बीजेपी को 5 सीटें भी नहीं मिलेंगी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का हाल के दिनों में जिस तरह से हिंदू मंदिरों में आना-जाना बढ़ा है, उसी तरह से उनका लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना भी बढ़ा है। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिली, जबकि सत्ता विरोधी लहर को धता बताते हुए कर्नाटक में वह गठबंधन सरकार बनाने में सफल रही। इन दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मंदिर जाते रहे जिसका फायदा उन्हें मिलते हुए भी दिखा। लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स (एलएसई) में छात्रों के साथ संवाद करते हुए जिनमें ज्यादातर भारतीय थे, राहुल गांधी ने कहा- 2019 में बीजेपी का एक बड़े गठबंधन के साथ सामना होगा। उन्होंने कहा- “हम यह मानते हैं कि हमारी प्राथमिकता पहले बीजेपी को हराना है और संस्थानों पर अतिक्रमण को रोकना है। वो जहर को रोकना है जो फैलाया जा रहा है, वह विभाजन रोकना है जो इस वक्त हो रहा है।”

राहुल ने आगे कहा – “जैसे ही एक बार चुनाव पूरा हो जाता है, उसके बाद अगले प्रधानमंत्री के बारे में चर्चा होगी। लेकिन, उस पर तब तक बात नहीं होगी जब तक हम सत्ता से बीजेपी को नहीं हटा देते हैं।” अगले चुनाव में सीधा मुकाबल होगा जिसमें बीजेपी एक तरफ और दूसरी तरफ पूरा विपक्ष होगा। उन्होंने कहा- “इसका कारण यह है कि विपक्ष के सभी लोग और यहां तक कि बीजेपी के सहयोगी दल भी यह मानते हैं कि संस्थानों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। भारतीय संस्थानों पर व्यवस्थित ढंग से हमले किए जा रहे हैं।”

राहुल गांधी शुक्रवार को आरएसएस की तुलना सुन्नी इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की। उन्होंने कहा कि आरएसएस भारत के हर संस्थान पर कब्जा करना चाहता है और देश के स्वरूप को ही बदलना चाहता है। बताते चलें कि मुस्लिम ब्रदरहुड मिस्र का सबसे पुराना और सबसे बड़ा इस्लामी संगठन है जिसकी स्थापना 1928 में हसन अल-बन्ना ने की थी। मुस्लिम ब्रदरहुड का एक मुख्य मकसद है कि देश का शासन इस्लामी कानून यानी शरिया के आधार पर चलाना है। अरब देशों में सक्रिय इस संगठन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगता रहा है। मिस्र में इस संगठन फिलहाल अवैध करार दिया जा चुका है।

राहुल गांधी लगातार यह संदेश देना चाह रहे हैं कि आरएसएस देश को अपने अधिनायकवादी विचारों से संचालित करना चाहता है। इसलिए उन्होंने लंदन में कहा, “हम एक संगठन से संघर्ष कर रहे हैं जिसका नाम आरएसएस है जो भारत के मूल स्वरूप (नेचर ऑफ इंडिया) को बदलना चाहता है। भारत में ऐसा कोई दूसरा संगठन नहीं है जो देश के संस्थानों पर कब्जा जमाना चाहता हो। राहुल गांधी के चार दिवसीय यूरोप दौरे का आज आखिरी दिन है। इस दौरान माना जा रहा है कि वो इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में सरकारी मंत्रियों और अन्य बड़े राजनेताओं से मिल सकते हैं और भारतीय समुदाय के लोगों की एक सभा को भी संबोधित कर सकते हैं। फिलहाल वो ब्रिटेन में ही हैं और आज वहां उनका दूसरा दिन है।

अगर आप भी पत्रकारिता में दिलचस्पी रखतें हैं तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्ट्टीयूट से

यह भी देखें-