अमर भारती : सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के आरोपी सचिन प्रकाशराव अंदुरे को सीबीआई ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट ने 26 अगस्त तक के लिए रिमांड पर भेज दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करते थे।

सीबीआई के मुताबिक, औरंगाबाद का रहने वाला अंदुरे ही दाभोलकर हत्याकांड में मुख्य शूटर था। इससे पहले सीबीआई की चार्जशीट में आरोपियों के रूप में सारंग आकोल्कर और विनय पवार के नाम थे और दोनों को फरार बताया गया था। ऐसे में अब अंदुरे को आरोपी बनाए जाने के सवाल पर सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि मामले में पड़ताल जारी है।

 

सीबीआई के मुताबिक, अंदुरे को महाराष्ट्र एटीएस की जानकारी से अरेस्ट किया गया। एटीएस ने पिछले हफ्ते राज्य में कथिततौर पर कुछ धमाकों की साजिश के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं में से एक शरद कलस्कर है जिसने नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में शामिल होने की बात कबूली है। उसी ने बताया कि दाभोलकर की हत्या में अंदुरे भी शामिल था। एटीएस ने यह जानकारी सीबीआई को दी थी। साथ ही कलस्कर को उसके हवाले कर दिया था। इस मामले में सीबीआई ने जून 2016 में हिंदू जन जागृति समित के सदस्य वीरेंद्र तावड़े के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। सीबीआई ने तब तावड़े को घटना का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। उसे जून 2016 में गिरफ्तार कर लिया गया था।

आरोपी के गिरफ्तार किए जाने पर दाभोलकर की बेटी मुक्ता ने न्यूज एजेंसी से कहा, “उनकी हत्या के बाद इसी अंदाज में तीन और हत्याएं की गईं। जांच एजेंसियों का कहना था कि इन चारों हत्याओं का आपस में संबंध है। उन्हें विचारधारा के टकराव की वजह से मार दिया गया।” दाभोलकर के अलावा मराठी लेखक गोविंद पानसरे, कर्नाटक के विचारक एमएम कलबुर्गी और पत्रकार गौरी लंकेश की भी गोली मारकर हत्या की गई थी।

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