अमर भारती : पाकिस्तान का अशांत इलाका कहे जाने वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने 12 बालिका विद्यालयों में आग लगा दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आतंकवादियों के निशाने पर रहने वाले शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस की मानें तो गिलगित से करीब 130 किलोमीटर दूर चिलास में गुरुवार देर रात कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने बालिका विद्यालयों में आग लगा दी जिसमें पूरे डायमर जिले की स्कूल संपत्ति को नुकसान हो गया। पाकिस्तानी मीडिया को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो विद्यालयों में धमाके भी किए गए। इन हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करने लगे औऱ अपराधियों की गिरफ्तारी व शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा की मांग भी की।

वहीं इस घटना को लेकर पाकिस्तानी कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने आज गिलगिट-बाल्टिस्तान (जी-बी) में 12 स्कूलों पर हमले की निंदा करते हुए ट्वीट किया, “चरमपंथियों ने दिखाया है कि उन्हें सबसे ज्यादा क्या डराता है – एक किताब वाली लड़की। हमें इन स्कूलों को तुरंत पुनर्निर्माण कराना चाहिए,  छात्रों को दोबारा स्कूल भेजें और दुनिया को दिखाएं कि हर बच्चे को सीखने का अधिकार है।” अभी तक इस घटना ने किसी ने जिम्‍मेदारी नहीं ली है। स्‍थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने कहा हि उन्‍होंने जीपीएस रोनेय और गर्ल्‍स स्‍कूल, तक्‍या में धमाके की आवाज सुनी, लेकिन पुलिस ने धमाके से संबंधी खबरों की जानकारी नहीं दी। वहीं डायर के आयुक्त, सैयद अब्दुल वहीद शाह ने पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। विस्फोटकों का उपयोग करके दो स्कूलों को उड़ाए जाने के प्रयास किए गए थे, जबकि शेष 11 स्कूल आग लगा दिए गए थे।

पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में बालिका विद्यालय अक्सर आतंकवादियों के निशाने पर होते हैं। पुलिस ने गुनाहगारों की धर-पकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया है। जिला प्रशासन के मुताबिक ये विद्यालय निर्माणाधीन थे।

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