अमर भारती : NRC का मुद्दा दिन प्रतिदिन गर्माता जा रहा है। आज असम में तृणमूल कांग्रेस के 6 सांसद और 2 विधायक पहुंचे। इन सभी को राज्य के हवाई अड्डे से ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद तृणमूल नेताओं ने कहा कि है कि वे एयरपोर्ट छोड़कर नहीं जाएंगे। यह कहा जा रहा है कि इन नेताओं को अगली उड़ान से वापस भेजा जा सकता है। उधर, टीएमसी के नेताओं का आरोप है कि उन्‍हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन उन्‍हें जबरन हिरासत में ले लिया गया।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने बांग्लादेशियों की बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। जेटली ने उन्हें 13 साल पुराना बयान याद दिलाते हुए ब्लॉग में लिखा, “ममता बनर्जी ने 4 अगस्त 2005 को लोकसभा में कहा था- बंगाल में घुसपैठ अब आपदा हो गई है…मेरे पास बांग्लादेशी और भारतीय मतदाता सूची, दोनों हैं। यह बहुत ही गंभीर मामला है। मैं जानना चाहती हूं कि सदन में इस पर कब चर्चा की जाएगी।”

बता दें कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के अंतिम मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस कार्रवाई ने भारतीय नागरिकों को अपने ही देश में घुसपैठी बना दिया गया है।

सूत्रों कि मानें तो यह नागरिक साढ़े तीन बजे स्थानीय नागरिकों के द्वारा आयोजित जन सभा में शामिल होने वाले थे। टीएमसी के सदस्य अगले दिन गुवाहाटी में असम के कुछ बुद्धिजीवियों से मिलने वाले थे जिसके बाद शाम तक उनकी दिल्ली लौटने की योजना थी।

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