अमर भारती : ग्राहकों के सामने नया कीर्तिमान स्थापित करने के मामले रिलायंस जियो ने एक नया रिकार्ड अपने नाम कर लिया है। वोडाफोन इंडिया को पीछे छोड़कर रिलायंस जियो आमदनी के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के आंकड़ों के मुताबिक, भारती एयरटेल अभी भी बाजार में लीड कर रही है। मार्त तिमाही में भारती ऐयरटेल का रेवन्यू 7,087 करोड़ रूपए आंका गया जो कि पिछली तिमाही की तुलना में 10 प्रतिशत तक कम था।

रिलायंस जियो को मार्केट में आए केवल एक साल 7 महीने ही हुए हैं और ये ग्राहकों की पहली पसंद बन गई है। जियो ने लॉन्चिंग के साथ कस्टमर्स को फ्री वॉइस कॉलिंग और लो-कॉस्ट डेटा ऑफर किया था, जिससे टेलिकॉम इंडस्ट्री में टैरिफ को लेकर प्राइस वॉर छिड़ गई थी। यह वॉर अभी तक चल रही है। इसके चलते पहले ही 7 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी इस सेक्टर की वित्तीय मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

जियो ने वास्तव में प्रीपेड सेगमेंट से लेकर पोस्ट-पेड सेगमेंट तक लो-टैरिफ की जंग को और बढ़ाया है। देश के 95 पर्सेंट सब्सक्राइबर प्रीपेड सेगमेंट के हैं। हालांकि, पोस्टपेड सब्सक्राइबर्स का इंडस्ट्री के रेवेन्यू में 20 से 25 पर्सेंट योगदान है। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो का अडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) मार्च तिमाही में वोडाफोन इंडिया के ₹4,937 करोड़ रुपये और आइडिया सेल्युलर के ₹4,033 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। जियो के पास अभी 20 करोड़ कस्टमर्स हैं।

दूसरी तरफ, वोडाफोन इंडिया और आइडिया मर्जर की तैयारी कर रही हैं। इन दोनों के मिलने से बनने वाली कंपनी के पास 43 करोड़ सब्सक्राइबर्स होंगे, जिसकी सालाना आमदनी ₹63,000 करोड़ रुपये होगी। इस कंपनी का एजीआर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो से ज्यादा होगा। इंडस्ट्री को एक्सेस सर्विसेज से मिलने वाले एजीआर में सालाना आधार पर 12.6 पर्सेंट और तिमाही आधार पर 7.4 पर्सेंट की गिरावट आई है, जिसमें जियो को छोड़कर सभी प्राइवेट प्लेयर में कमी देखी ग

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