अमर भारती: मोदी सरकार ने 2014 में चुनावी मुद्दों में विदेशों में स्विस बैंक में जमा पैसे को एक बड़ा मुद्दा माना था और उसके लिए कड़े कदम उठाने के वादे किए थे, इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान दिया है कि लोगों के लिए विदेश में काला धन छुपाना मुश्किल होगा और दूसरी और स्विटजरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50 फीसदी से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपये (1.01 अरब फ्रेंक) हो गया। इससे पहले तीन साल यहां के बैंकों में भारतीयों के जमा धन में लगातार गिरावट आयी थी। भारतीयों का स्विस बैंकों में जमा धन चार साल में पहली बार बढ़ कर पिछले साल एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपये) के दायरे में पहुंच गया है।

जहा भारत सरकार विदेशों में कालाधन रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए है वहा भारतीयो का इतना काला धन स्विस बैंक मे काफी हैरान करने वाला है। एसएनबी के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में सीधे तौर पर रखा गया धन 2017 में लगभग 6891 करोड़ रुपये हो गया। प्रतिनिधियों या धन प्रबंधकों के जरिये रखा गया धन इस दौरान 112 करोड़ रुपये रहा. ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्विस बैंक खातों में जमा भारतीयों के धन में ग्राहक जमाओं के रूप में 3200 करोड़ रुपये, अन्य बैंको के जरिये 1050 करोड़ रुपये शामिल है। इन सभी मदों में भारतीयों के धन में बढ़ोतरी हुई है।

एसएनबी के ये आंकड़े ऐसे समय में जारी किए गए हैं जबकि कुछ महीने पहले ही भारत व स्विटजरलैंड के बीच सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान की एक नयी व्यवस्था लागू की गई है। स्विस बैंक खातों में रखे भारतीयों के धन में 2011 में इसमें 12%, 2013 में 43%, 2017 में इसमें 50.2% की वृद्धि हुई. इससे पहले 2004 में यह धन 56% बढ़ा था.इस व्यवस्था का उद्देश्य काले धन की समस्या से निजात पाना है. इस बीच स्विटजरलैंड के बैंकों का मुनाफा 2017 में 25% बढ़ 6891 करोड़ हो गया. हालांकि इस दौरान इन बैंकों के विदेशी ग्राहकों की जमाओं में गिरावट आई. इससे पहले 2016 में यह मुनाफा घटकर लगभग आधा 7.9 अरब फ्रेंक रह गया था।

 

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