गोरखपुर एसटीएफ ने नशे का बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़, 24 किलो 500 ग्राम चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

गोरखपुर। गोरखपुर एसटीएफ ने नशे के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ टीम ने 24 किलो 500 ग्राम चरस के साथ दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। जिसमें गिरफ्तार शातिर तस्करों ने अपना नाम व पता मोहम्मद सोहराब पुत्र मुहमद हारूल निवासी सुल्तानपुर व दूसरा साथी कादिर अहमद पुत्र अब्दूल रफिक ने निवासी सुल्तानपुर बताया है। इनके अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बरामद चरस की कीमत ढ़ाई करोड़ रूपये है।

दिलचस्प बात यह है कि शातिर तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए तस्करी करने का एक नये तरीके का प्रयोग किया है। इस बार तस्करों ने पुलिस व नार्कोटिक विभाग की आखों में धूल झोंकने के लिए एबुलेंस का इस्तेमाल किया है। शातिर तस्कर पुलिस से बचने के लिए एम्बुलेन्स में चरस की तस्करी किया करते थे। किसी को शक न हो इसके लिए इनमें से एक मरीज के रूप में एम्बुलेन्स में लेटा रहता था। जबकि दूसरा ड्राइविंग करता था।

तस्कर इतने होशियार थे कि किसी को इनके ऊपर शक भी नहीं होता था क्योंकि एम्बुलेन्स के अन्दर मरीज से सम्बन्धित सभी उपकरण मौजूद थे जैसे – आक्सीजन सिलेण्डर, ग्लूकोज की बोतल, फर्स्ट एड़ बाक्स, निडिल व अन्य मेडिकल उपकरण साथ रहते थे और एम्बुलेन्स होने की वजह से टोल टैक्स से लेकर और भी रास्तों से गुजरने में पुलिस इनको रोकने का प्रयास नहीं करती थी और कहीं जाम में फंसने पर भी पुलिस अन्जाने में इनका सहयोग भी करती थी।

वहीं नेपाल से एबुलेंस में छिपाकर नशे की बड़ी खेप गोरखपुर लाई गयी थी और इस खेप को सही स्थान पर पहुचाने के लिए 30 हजार से 40 हजार रूपये मिलते थे। एसटीएफ की पूछताछ में तस्करों ने बताया है कि करोड़ों का मादक पदार्थ तस्करी के जरिए गोरखपुर से कैराना में पहुंचाना था। गिरफ्त में आये तस्कर सोहराब अली और कदीर अहमद सुल्तानपुर के रहने वाले हैं। इनमें से सोहराब अली इसके पहले भी मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। एसटीएफ के साथ ही नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने भी गिरफ्तार किये गये शातिर तस्करों से पूछताछ की है। खोराबार इलाके से एसटीएफ ने एबुलेंस समेत दोनों तस्करों को पकड़ा है। वहीं तलाशी के दौरान एबुलेंस की सीट के नीचे बोरे में छिपाकर रखे गये नशे की बड़ी खेप को बरामद किया गया।