पोल्ट्री फार्म के मरे मुर्गे खाकर कुत्ते हो रहे हिंसक, बुजुर्ग को बुरी तरह से किया घायल

बाराबंकी। बाराबंकी के सुबेहा थाना अंतर्गत गाँव रामपुर जमीन हुसैनाबाद में बने अवैध पोल्ट्री फार्म के मरे मुर्गी खाकर कुत्ते पागल हो गए हैं और गांव में आतंक मचा रहे हैं। इन कुत्तों ने गाँव के ही एक बुजुर्ग सहित कई मवेशियों को नोंच खाया। ग्रामीण पोल्ट्री फार्म संचालक के खिलाफ काफी आक्रोशित हैं और प्रशासन से इसे बंद कराने की मांग कर रहे हैं।

ब्लॉक हैदरगढ़ से 18 किमी दूर स्थित ग्राम रामपुर जमीं हुसैनाबाद में विगत लगभग 10 वर्षों से तीन अवैध पोल्ट्री फार्म संचालित हैं। यह पोल्ट्री फार्म 4-5 गांव के लिए 10 वर्षों से समस्या का कारण बना हुआ है। ग्रामीण पोल्ट्री फार्म की शिकायत मुख्यमंन्त्री से भी चुके हैं लेकिन प्रशासनिक मिली-भगत और लापरवाही के कारण आजतक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया है। आलम यह है कि पोल्ट्री की बदबू, बड़े-बड़े हरे एवं नीले रंग के मक्खी के बाद मरी एवं सड़ी गली मुर्गियों के अवशेष को खाकर आवारा कुत्ते पागल हो गए हैं।

बुजुर्ग को नोच डाला-

रामपुर जमीन हुसैनाबाद निवासी बसन्त यादव पुत्र स्व महाराजदीन यादव 12 मई को एक शादी-समारोह से अपने घर वापस लौट रहे कि गाँव में अचानक कुत्तों ने बुजुर्ग बसन्त पर हमला उन्हें नोच डाला। घायल बसन्त का इलाज अब शुकुलबाज़ार सीएचसी में चल रहा है। ये कुत्ते एक तरफ जहां मवेशियों पर हमला कर उसकी जान ले रहे हैं वहीं अब ये कुत्ते आदमखोर हो चुके हैं। सड़े गले मुर्गे खाकर कुत्ते पागल हो रहे हैं गांव के मवेशी मैदान में जब चारा चरने आते हैं तो उन्हें पागल कुत्ते नोचने लगते हैं ।

सड़क किनारे फेंक देते हैं मरी मुर्गियां-

आरोप है कि मुर्गीफार्म पर कार्यरत कर्मचारी बीमारी से मरने वाली मुर्गियों को सड़क के किनारे फेंक देते हैं जिनका मास खाने के बाद कुत्ते पागल हो गए हैं।

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से पीडि़त मुर्गियों के सेवन से जा सकती है जान-

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम वायरस का भले ही अंडे पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन इस वायरस से पीडि़त मुर्गियों के मांस का सेवन करने पर मानव जीवन पर जरूर असर पड़ता है। पशु चिकित्सकों की मानें तो एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से पीड़ित मुर्गियों का खून अथवा मांस से उक्त वायरस मानव शरीर में पहुंचता है, जो घातक है। पशु चिकित्सकों की मानें तो मुर्गे-मुर्गियों में आम तौर पर रानी खेत, गमबोरो, सालमोनलोसिस, एफलटोक्सीसिस बीमारी पाई जाती है, लेकिन कभी फार्मों पर पाले जाने वाले मुर्गे-मुर्गियों में दिमागी बुखार की बीमारी फैल जाती है। एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम वायरस की चपेट में आने की वजह से पक्षी (मुर्गे-मुर्गी) भी दिमागी बुखार की चपेट में आ जाते हैं।

पशु चिकित्सकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम वायरस ग्रस्त मुर्गी को काटते वक्त यदि सम्बन्धित व्यक्ति के हाथ में कोई कट पर पीड़ित मुर्गे अथवा मुर्गी का खून अथवा मांस का टुकड़ा लगता है, तो वायरस उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है।

मुर्गे व मुर्गियों में बीमारियां

> 1. दिमागी बुखार

> 2. रानी खेत

> 3. गमबोरो

> 4. सालमोनलोसिस

> 5. एफलटोक्सीसिस

इस मामले में बाराबंकी के डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही एक टीम गठित कर उक्त मामले में जांच कराकर प्रभारी कार्यवाई की जायेगी।