लखनऊ। देश की सियासत में दलित राजनीति को  हवा देने के लिए कांग्रेस एक बार फिर से दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आगामी 23 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर पर संविधान बचाओ कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राहुल गांधी कर सकते हैं। अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन राउत ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए देश भर के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया गया है।

यूपी के अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन भगवती प्रसाद चौधरी द्वारा एक बैठक का शुक्रवार को आयोजन किया गया। जिसमें उन्होने बताया कि भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता के कारण आज दलित आहत हुआ है। आक्रोशित होकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होने कहा कि पांच मुद्दे हैं जिन्हें हम सभी को जनता के बीच ले जाकर बताना है।

1. मोदी सरकार ने दलितों के विकास के लिए आवंटित धन को आधा कर दिया है उसके बजाय दलितों के विकास में जो धन लगना था उसे लेागों की पेंशन, सड़कों की मरम्मत, अस्पतालों का खर्च भी जोड़कर उसे निष्फलकर दिया।

2.दलित समाज को मिलने वाली छात्रवृत्ति भी कम व खत्म की जा रही है। निर्धनता के कारण दलित छात्र पूर्ण शिक्षा नहीं ग्रहण पा रहे हैं।

3. प्रमोशन में आरक्षण के लिए कांग्रेंस सरकार ने यह बिल राज्यसभा में पास किया था लेकिन भाजपा सरकार गलत सोच कारण लोकसभा में पास नहीं करवा सकी।

4. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पद लगभग समाप्त कर दिये गये हैं तथा उच्च शिक्षा में दलितों को मिलने वाले फेलेाशिप का 16 सौ करोड़ रूपये को घटाकर ढाई सौ करोड़ रूपये किया गया है।

5. एससी/एसटी को कमजोर करने में मोदी सरकार ने अपनी पूरी भूमिका निभाई।कोर्ट में भी अपना पक्ष स्पष्ट रूप से नहीं रख पाये। हम चाहते हैं कि एससी/एसटी एक्ट पर पुर्नविचार कर मजबूती से रखा जाये व एक सशक्त अध्यादेश जारी किया जाये।

चौधरी ने कहा कि बाबा साहब का नाम बदलने, फूल-माला पहनाने व दलितों के घर खाना खा लेने भर से ही इतिश्री नहीं हो जाती इसके लिए बाबा साहब के विचारों व सिद्धान्तों को पढ़ने व समझने की आवश्यकता है। उपरोक्त कार्यक्रम की जानकारी अनुसूचित  विभाग की प्रवक्ता सिद्ध श्री ने दी।