‘भारत की बात, सबके साथ’ में खुलकर बोले पीएम मोदी, ये हैं उनके भाषण की 30 बड़ी बातें

लंदन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में  ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम में भारतीयों को संबोधित करते हुए देश के कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार से लोगों की अपेक्षाएं ज्यादा हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि यह सरकार उनकी अपेक्षाएं पूरी कर सकती है। पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर उन्होंने कहा, जब किसी ने आतंक के निर्यात की फैक्ट्री लगा ली हो और हम पर पीछे से हमले की कोशिशें करता हो तो मोदी उसी भाषा में जवाब देना जानता है।’ पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि धीमे बदलाव के दिन गुजर चुके हैं और केंद्र में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के शासनकाल में भारतीय ज्यादा आकांक्षा वाले हो गए हैं।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी द्वारा संचालित कार्यक्रम में सवालों के जवाब में मोदी ने कहा, ‘लोग जानते हैं कि वे जब कुछ कहेंगे तो सरकार सुनेगी और करेगी। धीमे बदलाव के दिन गुजर चुके हैं।’ विपक्षी पार्टियों की ओर से अपनी सरकार की आलोचना किए जाने पर मोदी ने कहा कि उन्हें आलोचना से समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, ‘आलोचना करने के लिए शोध करना चाहिए और उचित तथ्यों का पता लगाना चाहिए। लेकिन दुखद है कि अब ऐसा नहीं हो रहा। अब सिर्फ आरोप लगाए जाते हैं।’

–   ‘मैं चाहता हूं कि इस सरकार की आलोचना की जाए। आलोचना से लोकतंत्र मजबूत होता है। रचनात्मक आलोचना के बगैर लोकतंत्र सफल नहीं हो सकता।’
–   हमने देश के लिए अच्छा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
–   आप सबने देखा होगा कि आपके पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है। लोग आपकी तरफ गर्व से देखते हैं।
–   भारत अब भी वही है। लेकिन आज आप फर्क देख सकते हैं
–   हां, मैं इजराइल जाऊंगा और मैं फलस्तीन भी जाऊंगा।’ गौरतलब है कि मोदी इजराइल और फलस्तीन की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
–   महात्मा गांधी ने कुछ खास किया और स्वतंत्रता संघर्ष को जनांदोलन में बदल दिया।
–   बलात्कार सिर्फ व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज की भी बुराई है। ‘हम अपनी बेटियों से हमेशा पूछते हैं कि वे क्या कर रही हैं, कहां जा रही हैं। हमें अपने बेटों से भी पूछना चाहिए। इन अपराधों को अंजाम देने वाले लोग भी किसी के बेटे हैं। उस घर में उसकी मां भी है।’
–   यह पूछे जाने पर कि क्या वह अकेले दम पर देश बदल सकते हैं, इस पर मोदी ने कहा कि वह किसी अन्य भारतीय की तरह एक साधारण नागरिक हैं।
–   मोदी ने कहा- हमारा जोर तीन चीजों पर है – छात्रों के लिए शिक्षा, युवाओं के लिए रोजगार और बुजुर्गों के लिए दवाएं
–   आयुष्मान भारत योजना के दायरे में 10 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवार आएंगे और उन्हें हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक की कवरेज मिलेगी। इस योजना के कारण टियर-2 और टियर-3 शहरों में निकट भविष्य में 1,000 से ज्यादा अस्पताल बनेंगे।
–  मैं पिछले दो दशक से, करीब करीब 20 साल से हर रोज एक किलो-दो किलो गालियां खाता हूं। जिसका असर है कि उन्हें ऊर्जा मिलती है।
–  पीएम ने कहा कि देश की 125 करोड़ जनता उनका परिवार है, जिंदगी में कभी किसी पर न बोझ बन सकूं मैं चाहता हूं कि हंसते मुस्कुराते जब दुनिया से जाना हूं चला जाऊं।
–  मैं मेहनत करता हूं ये मुद्दा नहीं है,अगर मेहनत नहीं करता तो वो मुद्दा नहीं होता है।
–  मेरा न तो परिवार है न वंशवाद है। मेरे पास पूंजी सवा सौ करोड़ देशवासियों का प्यार है। देशवासियों को कहना चाहता हूं कि मैं भी आप की तरह सामान्य नागरिक हूं।
–  मैं आपकी तरह हूं इससे समझने की जरूरत है। मैं जहां बैठा हूं वो सिर्फ व्यवस्था की बात है।
–  मैं विद्यार्थी हूं और हमेशा सीखने की कोशिश करता हूं।
–   पीएम ने कहा कि उनसे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन बदनीयती के साथ गलती नहीं करुंगा।
–   प्रधानसेवक के तौर पर चार साल पूरे हो चुके हैं। मैं यह नहीं कहता कि देश बदल दूंगा।
–   अगर लाखों समस्याएं हैं तो करोड़ों समाधान है।
–   पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे स्टेशन की कहानी उनकी अपनी कहानी है।
–   रॉयल पैलेस में भारत के पीएम का जाना सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों का सम्मान है।
–   देश को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए त्याग की जरूरत होती है। हमने या हमारी पार्टी ने दशकों तक त्याग किया है।
–   सरकार की योजनाओं की लोग आलोचना कर सकते हैं। लेकिन लोग ये क्यों भूल जाते हैं कि जो कुछ नहीं हुआ उसे किसी को तो पूरा करना होगा।आज देश के तीन लाख गांव गंदगी से मुक्त हो चुके हैं।
–   पीएम ने कहा- मैंने गरीबी को जिया है, गरीबी के लिए किसी किताब पढ़ने की जरूरत न तो थी न है।
–   देश की आजादी के बाद 18 हजार गांवों तक बिजली नहीं पहुंची। उनका मकसद है कि उन घरों में भी तो रोशनी पहुंचनी चाहिए।
–   प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में लाखों भारतीय सैनिकों ने शहादत दी। वो दूसरों के काम आए।
–   भारत का चरित्र भगवान राम के लंका विजय में देखा जा सकता है। लंका विजय के बाद भगवान राम ने विभीषण को राजकाज सौंप दिया।
–   पाकिस्तान ने टेंट में सोते हुए भारतीय सैनिकों के साथ क्या किया था सबको पता है। सर्जिकल स्ट्राइक को सूरज उगने के पहले सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था।
–   स्वच्छ भारत कार्यक्रम में लाखों की संख्या में टॉयलेट बन चुके हैं। ये सब सिर्फ सरकार के अकेले प्रयास से संभव नहीं है।
–   देश का दुर्भाग्य है कि आजादी के बाद भारत की महान परंपरा को भुलाने की कोशिश की गई। सिर्फ एक ही परिवार की गाथा पढ़ाया जाता रहा है।