फिर खुला भाजपा का जन शिकायत केंद्र, लेकिन हकीकत सच्चाई के कोसों दूर!

आलोक द्विवेदी, लखनऊ। लगभग चार महीने बाद मंगलवार को एक बार फिर से भाजपा प्रदेश पार्टी कार्यालय में जन शिकायत केंद्र का शुभारम्भ हुआ। सूचना थी कि जन शिकायत केंद्र का शुभारंभ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडे करेंगे लेकिन ऐन वक्त पर अध्यक्ष जी नदारत रहे, तो उनकी जगह पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जन शिकायत केंद्र का उद्घाटन किया और लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि हम जनता की सेवा करने आए हैं, और प्रदेश का विकास करना चाहते हैं। प्रदेश का हर एक नागरिक हमारे लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए जनता की कोई भी समस्या हो उसका निस्तारण करना भी हमारा कर्तव्य बनता है।

मंत्री जी ने जन शिकायत केंद्र का शुभारम्भ कर दिया। इस दौरान शिकायतकर्ताओं की भीड़ भी लगी रही।  लेकिन सवाल ये कि जन शिकायत केंद्र शिकायतकर्ताओं के लिए कितना मुफीद साबित हो रहा है? सवाल के एवज में आज पहले दिन ही शिकायतकर्ताओं का बयान चौकाने वाला था। हमें इत्तेफाक से ऐसे लोग मिले जो पहले भी शिकायत लेकर आ चुके थे लेकिन अभी तक उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई, लिहाजा लोगों के मन में एक उम्मीद है और कार्यवाही ना होने का मलाल भी।

इस बाबत मंत्री जी ने यह दावा किया कि यहां ज्यादातर मामलों का निस्तारण हो जाता है लेकिन कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन होने की वजह से उनका निस्तारण नहीं हो पाता, यानी बात सिर्फ आश्वासन तक सिमट कर रह जाती है।

गौरतलब है कि आज से लगभग एक साल पहले सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो प्रदेश के अंतिम नागरिक की समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश पार्टी कार्यालय में जन शिकायत केंद्र बनाकर जनता को नायाब तोहफा दिया गया। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता यह जन शिकायत का नायाब तोहफा गुलदस्ते में रखे हुए फूल की तरह धीरे-धीरे मुरझाता चला गया। ]

शिकायतों का अंबार लगने लगा लेकिन शिकायतों के निस्तारण के मामले में नतीजा ढाक के तीन पात निकला।इतना ही नहीं धीरे-धीरे पार्टी का रुझान भी इस तरफ से खत्म होने लगा नतीजतन निकाय चुनाव व उपचुनाव का हवाला देते हुए आज से लगभग 4 महीने पहले जन शिकायत केंद्र बंद कर दिया गया। लेकिन अब बदलते राजनितिक परिवेश में बीजेपी को एक बार फिर जनशिकायत केंद्र खोलना पड़ा है।