नई दिल्ली। केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में डीजल से चलने वाले जेनरेटर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। यदि यह पूर्ण प्रतिबंध लागू होता है तो दिल्ली-एनसीआर में बिजली जाने के बाद डीजल से चलने वाले जेनेरेटर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती मात्रा की वजह से केंद्र सरकार इस तरह का फैसला लेने की तैयारी कर रही है। इस प्रतिबंध में मोबाइल टॉवर को डीजल जेनेरेटर का उपयोग करने से रोकने का प्रावधान है।

दरअसल दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में डीजल जेनेरेटर हवा में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। यही वजह है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय सहित विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों वाली उच्च स्तरीय समिति ने स्वच्छ ईंधन को लेकर केंद्र सरकार को सौंपी रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में डीजल जेनरेटर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।

इस रिपोर्ट में मोबाइल टावर को डीजल जेनरेटर के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इसके लिए भी पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी होगा। फिलहाल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है। जल्द ही केंद्र सरकार इस पर अमल की दिशा में काम शुरू कर सकती है।

रिपोर्ट में केंद्र सरकार को यह सुझाव भी दिया गया है कि वेस्ट फूट से भी बिजली बनाने की तकनीक विकसित किया जाये। इससे बर्बाद होने वाले खाने का सदुउपयोग हो सकेगा और लोगों को हरित ईंधन मिल सकेगा।

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