देवरिया। वोट की राजनीति में नेता किस कदर गिर जाते हैं इसका अंदाजा आप न आज लगा सकते है न भविष्य में कभी लगा सकते हैं। वोंट के लिए आप हत्या, लूट, पैसे बांटना, सुना होगा लेकिन नेता किस कदर अपना स्तर गिरा सकते हैं इसका अंदाजा आप नहीं लगा सकते।

ऐसा ही नजारा देखने को मिला देवरिया में जब सविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 127वीं जयंती मनाने के लिए सदर विधान सभा के अंतर्गत सकरा पार में बाढू बासफोर(अनुसूचित जाति) की अध्यक्षता में एक आयोजन किया गया। जिसमें केक काटकर फूल मालाओं और उनके बारे में बताया गया। जिसमें मुख्य तिथि वीरेन्द्र बासफोर(अनुसूचित जाति) रहे। जिसमें व्यास यादव ( सपा के पूर्व विधान सभा अध्यक्ष) उमाशंकर, रामाधार यादव, पवन कुशवाहा, रामखेदु यादव सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय जनता पहुंची। जिसे देखे एक अलग ही भाव समाज में गया और समाज में नारा गया सबका साथ सबका विकास हो।

कार्यक्रम के बाद एक भोज का आयोजन किया गया जहां छुआ- छूट मिटाकर एक साथ अभी जाति के लोगों ने भोजन किया। लेकिन इस कार्यक्रम में एक विवादी चेहरा भी था जो हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले पूजनीय भगवान राम को भगवान कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे (राम) भगवान नहीं एक राजा थे, जो राजा दशरथ के बाद राज किये। ये बोल सपा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कही जिसको सुन सभी लोग भौंचक्के रह गये। सभा में कहने के बाद फिर राम के बारे में पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि भगवान राम क्या थे तो उनका पूर्व का जवाब था वे एक राजा थे और कुछ नहीं। इतिहास ग्वाहा है इसका।