दुदही/कुशीनगर। पर्ची के अभाव तथा मिल प्रबंधन के लापरवाही से किसान अपनी गाढ़ी कमाई गन्ने का फसल बेच भी नहीं पा रहा है। खेतों में ही खड़ी फसल सूख रहा है। दुदही केन युनियन परिक्षेत्र में जमुआन, विशुनपुरा तथा चिरकुटहा में गन्ना क्रय-केन्द्र बनाया गया है। इन क्रय-केन्द्रों से आवंटित गांवों के किसानों का गन्ना क्रय कर सेवरही चीनी मिल को भेजा जाता है।

चिरकुटहा क्रय-केन्द्र बिना सूचना के ही बन्द कर दिया गया जिससे किसान अपनी गन्ना बर्बाद होते देख चिन्तित हैं। वहीं अन्य गन्ना क्रय-केन्द्र कब बन्द हो जायेंगे किसानों को इसकी चिन्ता सता रही है। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने कुछ दिन पहले सेवरही चीनी मिल प्रबंधन तन्त्र के लापरवाही तथा कम वजन तौलने को लेकर सेवरही केन यूनियन में धरना-प्रदर्शन कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की चेतावनी दी थी जिससे मिल द्वारा खेतों में लगी गन्ना को रिसर्वे कराया गया ताकि किसानों की गाढ़ी मेहनत बेकार न जाए। लेकिन अभी भी किसानों का गन्ना पर्ची के अभाव में खेंतों में सूख रहा है।

किसानों का कहना है कि कोई भी सरकार आती है तो किसानों की समस्याओं का समाधान की बात कह कर लोक लुभावने वादे करके वोट लेकर सरकार बना लेती है। लेकिन किसानों की समस्याएँ वहीं की वहीं रह जाती है। कृषि प्रधान देश में किसानों की उपज की कीमत शहरों में एसी में बैठने वाले लोग तय करते हैं और किसान दिन-रात परिश्रम करने के बावजूद अपनी उपज का सही समय पर सही कीमत नहीं पाता।

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