विजय त्रिपाठी, लखनऊ। शुक्रवार को उन्नाव कांड पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने प्रेस वार्ता में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में महिला अध्यक्ष गीता सिंह के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं का 5 सदस्यीय दल उन्नाव कांड की जांच के लिए बनाया गया था। जिन्होंने उन्नाव जाकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अपनी रिपोर्ट आज पार्टी अध्यक्ष को पेश कर दी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में विधायक के साथ स्थानीय पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया है।

किरणमय नंदा ने राज्यपाल पर भी मौन रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के समय राज्यपाल छोटी-छोटी बातों का संज्ञान लेते रहते थे परंतु अब राजभवन मौन क्यों हैं। यह सवाल भी पूछना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा पूरे प्रदेश में महिला और बच्चियां डरी हुई हैं। ऐसी सरकार को बर्खास्त होना चाहिए। यह आम जनता की मांग है।

समाजवादी पार्टी मांग करती है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा और नौकरी मिलनी चाहिए। सरकार को बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, किरणमय नंदा ने ये भी कहा कि यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उत्तर प्रदेश में राज्यपाल अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कह दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। किरणमय नंदा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार के समय 2012 से 2017 तक विकास के मामले में 20 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

नंदा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के समय 2012 से 2017 तक विकास के मामले में 20 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। योगी आदित्यनाथ की सरकार में 1 साल में उत्तर प्रदेश को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला। पुलिस और प्रशासन के ऐसे अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

सपा का मानना है कि अगर सबूत नहीं था तो विधायक के भाई को गिरफ्तार क्यों किया गया और सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही विधायक को क्यों गिरफ्तार किया? जिन पुलिस अधिकारियों ने झूठा बयान दिया है, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार प्रदेश में धारा 356 का प्रयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here