राज्यपाल ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निधि के अटारी प्रक्षेत्र का किया भ्रमण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने बुद्धवार को सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निधि के अटारी फार्म का भ्रमण किया। उनके साथ प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी उपस्थित थे। राज्यपाल राम नाईक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निधि के पदेन अध्यक्ष भी है। ऐसे पहले राज्यपाल है जिन्होंने निधि के अटारी प्रक्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

सेवानिवृत्त सैनिक व शहीद सैनिकों के आश्रितों के सहायतार्थ कार्य करने वाली उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि को और प्रभावी बनाने के लिये राज्यपाल राम नाईक ने सेना, कृषि, वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से एक माह में सुझाव मांगे हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर मुख्यमंत्री सहित सम्बन्धित विभागों के प्रमुख की बैठक करके ठोस नीति बनाने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले तथा उनके जीवन स्तर को बढ़ाया जाये।

राज्यपाल के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जनपद लखनऊ और हरदोई द्वारा भूमि का सीमांकन ऊसर भूमि का सुधार एवं एक अवधि तक उपयोग सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की सम्भावना का परीक्षण था। अटारी प्रक्षेत्र 1,342,05 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जिनमें 70 एकड़ में कृषि 62 एकड़ में बागवानी आम अमरूद आंवला तथा बेर के पेड़ 55.05 एकड़ में भवन सड़क सहित अन्य निर्माण तथा 1,155 एकड़ में वन क्षेत्र विलायती बबूल ऊसर रिक्त भूमि है।

अटारी प्रक्षेत्र की 1342.05 एकड़ भूमि में से 1,082,96 एकड़ भूमि लखनऊ तथा 259.09 एकड़ भूमि हरदोई जनपद के अंतर्गत आती है। भ्रमण कार्यक्रम में राज्यपाल की प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी हरदोई पुलकित खरे, निदेशक कृषि सोराज सिंह, निदेशक नेडा अरविन्द कुमार सिंह, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेड अमूल्य मोहन, जीओसी के प्रतिनिधि बिग्रेडियर रोहित दत्ता, मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मण्डल के प्रवीन राव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन लखनऊ श्रीप्रकाश गुप्ता, जिला वन अधिकारी मनोज सोनकर, अटारी प्रक्षेत्र के अधीक्षक डाॅ एपी ओझा सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।