सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों को हर महीने 80 हजार की राशि देगी। यह राशि केंद्र सरकार इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों को फेलोशिप के रूप में देगी। सरकार द्वारा ये प्रयास देश से प्रतिभा के पलायन को रोकने के लिए किया गया है। इस बार के बजट में घोषित प्रधानमंत्री शोध फेलोशिप योजना को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। फेलोशिप पाने वाले बीटेक स्टूडेंट अब सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकेंगे।

इस योजना के तहत जिन संस्थानों के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा उसमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान के एमटेक और बीटेक के छात्र शामिल हैं। सरकार का मकसद इस योजना के तहत ब्रेनड्रेन रोकने के साथ-साथ मेधावी छात्रों को देश में ही उच्च स्तरीय शोध सुविधाएं अपलब्ध करवाना है।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि छात्र रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग और नैनो तकनीक सहित 13 विषयों में रिसर्च करेंगे। इसके साथ-साथ इस योजना के तहत पात्र छात्र को दो लाख का अलग से अनुदान केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा, ताकि वह विदेश जाकर शोध-पत्र पेश कर सकें और सेमिनार इत्यादि में भाग ले सकें।