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विजय त्रिपाठी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गाजीपुर से पूर्व सांसद और बसपा नेता अफजाल अंसारी ने अपने भाई और मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक मुख्तार अंसारी को पीजीआई से डिस्चार्ज किये जाने के मामले में कहा है कि डाॅक्टरों पर उन्हें डिस्चार्ज करने का भारी दबाव था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें मुख्तार की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

लखनऊ में डाॅलीबाग स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये अफजाल अंसारी ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी ताकतें थीं जिनका दबाव प्रशासन पर था कि किसी भी तरह मुख्तार को पीजीआई से डिस्चार्ज कराकर बांदा जेल रवाना किया जाये। उन्होंने कहा कि कानून भी किसी बीमार व्यक्ति को समुचित इलाज की व्यवस्था करने का हक देता है, पर क्या मुख्तार अंसारी जो विधानसभा के वर्तमान सदस्य हैं, उन्हें प्रशासन समुचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं मुहैया करा सका।

पत्रकारों के जहर दिये जाने के सवाल पर अफजाल ने कहा कि जिस समय यह घटना घटी मुख्तार की पत्नी अफसां उनके पास थीं। उन्हें अचानक बेहोशी सी छाने लगी और वह गश खाकर गिर गये। जिसके बाद उनके मुंह से झाग सा निकला। जिसे देखकर उनकी पत्नी भी बेहोश हो गयीं। ये बातें इस ओर इशारा करती हैं कि कहीं न कहीं कोई साजिश थी, जिसे दबाने का प्रयास किया गया। अफजाल ने कहा कि पीजीआई में प्रशासन ने इतनी तगड़ी बंदिशें लगा दीं कि परिवार के सदस्यों को मिलने की इजाजत नहीं दी गयी।

उन्होंने माफिया ब्रजेश सिंह पर आरोप लगाते हुये कहा कि सरकार ब्रजेश सिंह को संरक्षण दे रही है। बनारस की जेल में ही उन्हें क्यों रखा गया है और आखिरकार मुख्तार अंसारी को बांदा क्यों रखा गया है। जबकि बांदा जिले में उनपर कोई भी मामला दर्ज नहीं है। अफजाल ने सरकार से मांग की है कि मुख्तार अंसारी की खराब सेहत को देखते हुये उन्हें राजधानी लखनऊ या आगरा की सेंट्रल जेल में तत्काल शिफ्ट किया जाए।

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