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नई दिल्ली। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार बिहार क्रिकेट के लिए खुशी की खबर आई है। नए साल के चौथे दिन बिहार क्रिकेट पर बड़ा फैसला आया है। बिहार की क्रिकेट टीम अब रणजी ट्रॉफी और दूसरे टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को निर्देश दिया है कि वह बिहार की टीम को अगले सीजन से देश की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता में मुकाबला करने की अनुमति दे।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये साफ किया कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन रणजी के लिए टीम भेज सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि बिहार की टीम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के तहत रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा लेगी, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।

बता दें कि साल 2000 में बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद बिहार का मेम्बरशिप छीन कर झारखंड को दे दिया गया था। इस वजह से 17 साल से बिहार की टीम घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट से बाहर थी। उस समय बीसीसीआई के चेयरमैन जगमोहन डालमिया थे। बिहार में क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष लालू प्रसाद थे।

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