राजीव शर्मा/ नबी अहमद, बहराइच। ब्लॉक नवाबगंज की गांव सभा माधवपुर निदौना के मजरे बक्शीगांव में लगभग 15 वर्ष पूर्व बना पंचायत भवन तमाम जिम्मेदार हाकिमों के लापरवाह रवैये के चलते दिन ब दिन अपनी पहचान खोता जा रहा है। तबेले की शक्ल में तब्दील नजर आ रहे इस पँचायत भवन के अहाते ग्रामीणों की बैठकों के बजाय सिर्फ आस-पास के ग्रामीणों के जानवर बांधने के काम आ रहा है। राष्ट्रीय पर्वों पर आस-पास के घरों पर कभी कभार ध्वाजारोहण का कार्यक्रम करके अपनी जिम्मेदारी को जैसे तैसे निभा दिया जाता है।

ग्राम प्रधान व पंचों की बैठक ग्राम प्रधान के घर पर ही आयोजित होती है। ग्रामसभा माधवपुर निदौना की मौजूदा प्रधान राजरानी है। उन्होंने इस मसले में अपनी असमर्थता जताते हुए कहा कि हमने कई बार जानवर बांधने से लोगों को रोकने का काम किया। तो लोग इस मुद्दे पर झगड़ा फसाद करने पर अमादा हो जाते हैं। ग्रामीण भोनी, गजाधन, बलदीयादव, रामबदल, संतोष यादव, अतुल मिश्रा व लवकुश आदि ने बताया कि ग्रामसभा की कभी कोई बैठकें यहां नहीं की गयी। इस पंचायत भवन में बैठने का स्थान ही नहीं है। पंचायत भवन की खिड़कियां चोरी चली गयी।

ग्राम वासियों ने यह भी बताया कि ग्राम विकास अधिकारी कभी गांव में नहीं आये न ही उन्होंने ग्राम पंचायत भवन की हालत को देखा। प्रधान राजरानी ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि एक तो मैं महिला हूं। जानवर बांधने वाले लोग मेरी सुनते ही नहीं हैं। कई बार मैंने लोगों को मना किया। इस संबंध में जब पूछा गया कि किसी अधिकारी को आपने शिकायत की तो उन्होंने कहा कि किससे शिकायत की जाये इसका मुझे ज्ञान ही नहीं। पता करने पर ज्ञात हुआ कि यह गांव सभा ग्राम विकास अधिकारी अर्जुन के जिम्मे है।

बताते चले कि एक एक ग्राम विकास अधिकारी के पास 05 से लेकर 06-06 ग्रामसभाएं हैं। बाबागंज में बैठकर कागजों पर खानापूरी कर लेते हैं। पता नहीं कब ग्रामसभा व गांव पंचायत की बैठकें होती हैं। केन्द्र सरकार की योजना ग्राम पंचायतों को हाईटेक करने की घोषणा हो चुकी है। जब ग्रामसभा में पंचायत भवन का यह हाल है तो कहां होगी हाईटेक ग्रामसभा। इस संबंध में बीडीओ नवाबगंज एसके श्रीवास्तव से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मैं रास्ते में हूं। इस सम्बंध में कुछ नहीं बता सकता।

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