लखनऊ। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव के लिए आज (बुधवार) तीसरे और अंतिम चरण का मतदान ख़त्म हो गया। तीसरे और अंतिम चरण में करीब 53 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। अब सबकी निगाहें मतगणना पर लग गयी हैं। मतगणना एक दिसम्बर को सुबह आठ बजे से सभी स्थानों पर एक साथ होगी। प्रदेश के 26 जिलों में आज सुबह साढ़े सात से शाम पांच बजे तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीसरे चरण का मतदान हुआ। अंतिम दौर में पांच नगर निगम, 76 नगर पालिका परिषद व 152 नगर पंचायतों के लिए 4299 वार्डों में 28135 प्रत्याशियों के भाग्य ईवीएम और मतपेटिका में बंद कर दिये गये। इस चरण के लिए 3599 मतदान केंद्र व 10817 मतदेय स्थल बनाए गए थे। मतदाताओं की संख्या 9405122 थी।

अंतिम चरण में सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, मुरादाबाद, संभल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चंदौली, जौनपुर और मीरजापुर जिले में आज वोट पड़े। इनमें पांच नगर निगम सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, फीरोजाबाद व झांसी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने देर शाम प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि नगर निकाय चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान भी छिटपुट घटनाओं के साथ शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में करीब 53 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। तीनों चरणों में औसत मतदान 52.5 प्रतिशत रहा जो 2012 के चुनाव से करीब छह फीसदी अधिक रहा। पिछले चुनाव में वर्ष 2012 में मतदान का प्रतिशत 46.2 था।

एसके अग्रवाल के अनुसार तीसरे दौर के मतदान में भी सबसे ज्यादा उदासीनता शहरों में देखने को मिली। परिणामस्वरुप नगर निगमों में मतदान का प्रतिशत कम रहा, जबकि नगर पंचायतों में लोगों ने जमकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि नगर निगमों में जहां मतदान का प्रतिशत करीब 41.26 रहा वहीं नगर पालिका परिषदों में 58 फीसदी और नगर पंचायतों में 68.30 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़पें, पथराव और फायरिंग की घटनाएं भी हुईं। कुछ स्थानों पर लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। फर्जी वोटिंग की भी खबरें दिन भर आती रहीं। फर्जी मतदान को लेकर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया।

सहारनपुर के गंगोह में फर्जी वोटिंग को लेकर पुलिस ने दस लोगों को पकड़ा। एटा के जलेसर में मतदान शुरू होते ही मतदाताओं को पैसे बांटने को लेकर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इसमें भाजपा विधायक संजीव दिवाकर समेत कई लोग घायल हो गए। बागपत के बड़ौत में बूथ के बाहर भाजपा और रालोद कार्यकर्ताओं में मतदान को लेकर जमकर मारपीट हुई। इस दौरान हवाई फायरिंग भी की गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। भगदड़ में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि पुलिस ने हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज की घटना से इंकार किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान के दौरान हिंसा की अफवाहें भी फैलाई गयीं, लेकिन मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

पहले और दूसरे चरण की तरह ही आखिरी दौर में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला दिनभर छाया रहा। कई जिलों में मतदाता सूची से नाम गायब होने के कारण लोगों ने मतदान केंद्रों पर हंगामा भी किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जौनपुर के दो वार्डों में करीब 500 लोगों के नाम मतदाता सुची से गायब मिले। सपा सरकार में मंत्री रहे पारसनाथ यादव और उनके परिवार के लोगों के नाम भी मतदाता सूची में नहीं मिले। लखीमपुर जिले से खबर मिली कि वहां पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, लेकिन कई मृतकों के नाम अभी भी दर्ज हैं। इसी तरह बरेली में भी मतदाता सूची में बड़ी लापरवाही सामने आई। वहां एक बूथ पर 1250 मतदाताओं में से करीब 600 लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं थे और जिन लोगों के नाम सूची में हैं उनमें से कई या तो मर चुके हैं या वार्ड को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर जाकर बस चुके हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे आपराधिक कृत्य माना है। उन्होंने इसकी जांच करवाने की बात कही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मतदान वाले जिलों में 40 कंपनी केंद्रीय बल तैनात की गई थी। जिला पुलिस के अलावा 71 कंपनी पीएसी भी तैनात रही। मतदान में गड़बड़ी करने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, मुरादाबाद, संभल, बरेली, फीरोजाबाद, कन्नौज, रायबरेली व जौनपुर जिले में विशेष नजर रखने के लिए कहा था।

विभिन्न जिलों में आज मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा-
1-एटा – 57.56 प्रतिशत
2-औरैया – 63.4 प्रतिशत
3-कन्नौज – 67.38 प्रतिशत
4-कुशीनगर – 66.44 प्रतिशत
5-कानपुर देहात – 72.11 प्रतिशत
6-चन्दौली – 65.91 प्रतिशत
7-जौनपुर – 54.93 प्रतिशत
8-झांसी – 56.77 प्रतिशत
9-फतेहपुर – 58.89 प्रतिशत
10-फिरोजाबाद – प्रतिशत
11-बरेली – 24.65 प्रतिशत
12-बुलंदशहर – 62.68 प्रतिशत
13-बलरामपुर – 57.05 प्रतिशत
14-बागपत – 67.14 प्रतिशत
15-बाराबंकी – 57.54 प्रतिशत
16-मऊ – 58.97 प्रतिशत
17-मुरादाबाद – 48.47 प्रतिशत
18-महराजगंज – 72.92 प्रतिशत
19-महोबा – 34.94 प्रतिशत
20-मीरजापुर – 56.87 प्रतिशत
21-रायबरेली – 54.7 प्रतिशत
22-सहारनपुर – 60.39 प्रतिशत
23-सिद्धार्थ नगर – 64.99 प्रतिशत
24-सीतापुर – 58.3प्रतिशत

25-लखीमपुर खीरी – 58.19 प्रतिशत 

26-सम्भल – 57.18 प्रतिशत