विजय त्रिपाठी, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में ऐशबाग स्थित  कैलाश कोल्ड स्टोरेज में लगी आग तीन दिन हो जाने के बाद भी धधक रही है। 250 से अधिक वॉटर टैंकर इस्तेमाल किए जाने के बाद भी फायर टीम आग पर काबू नहीं पा सकी है। एनडीआरएफ और मेट्रो की टीम को भी लगाया गया। साथ ही एयरफोर्स से भी मांगी गई मदद। बुधवार की शाम जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया था। वहीं इस लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई है।

डीएम ने राहत कार्य का निरीक्षण करने के साथ ही उन्होंने रिहायशी इलाके में चल रहे कोल्ड स्टोरेज को गिराये जाने के निर्देश दिए। इस बीच एनडीआरएफ की एक टीम भी मदद के लिये पहुंची है। इसके साथ ही सेना को मदद के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। जिला अग्निशमन अधिकारी अभय भान पाण्डेय ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज व ऑयल मिल में लगी आग को काबू करने के लिए 250 से अधिक टैंकर इस्तेमाल हो चुके हैं पर अभी तक आग पूरी तरह से काबू में नहीं आई है।

गुरुवार को जेसीबी की मदद से कोल्ड स्टोरेज के सामने की दीवार तोड़ कर बेसमेंट में पानी फेंका गया। इस बीच व्यापारियों ने कोल्ड स्टोरेज मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया। तीन दिन से धधक रही आग से सौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, कोल्ड स्टोरेज में माल रखने वाले व्यापारियों की चिंता समय गुजरने के साथ बढ़ रही है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किये गये थे। जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हो गया।

निकाय चुनाव: तीसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न, तक़रीबन 53 फ़ीसदी पड़े वोट, जानिए पूरे दिन का हाल एक नज़र में