राजीव शर्मा, बहराइच। बुलंदशहर में ट्रैफिक रूल का उलन्घन करने वाले एक भाजपा नेता की गाड़ी का चालान काटने का साहस दिखाने वाली डिप्टी SP श्रेष्ठा ठाकुर का चेहरा कई दिनों तक मीडिया के प्लेटफार्म पर जमकर सुर्ख़ियों में छाया रहा। भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ की गयी CO श्रेष्ठा की इस कार्रवाई से बौखलाए तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दखल के बाद योगी सरकार ने शख़्त फैसला लेते हुए इस तेज तर्रार डिप्टी SP का तबादला भारत-नेपाल बॉर्डर के जिले बहराइच में कर दिया गया। तबादले का फ़रमान जारी होने के बाद भी इस महिला अफसर का साहस जरा भी नहीं डगमगाया और उसने अपनी fb वाल पर शायराना अंदाज में जो जवाब दिया वो अंदाज भी कई दिनों तक सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुआ। जिसमें C.O श्रेष्ठा ने साफ़ शब्दों में फ़रमाया था कि…. जहाँ भी रहेगा रोशनी ही लुटायेगा, चिरागों का कोई अपना मकां नहीं होता।

कुछ ऐसी ही पंक्तियों को आत्मसात कर साकार करने का काम मौजूदा समय में बहराइच में तैनात CO श्रेष्ठा ठाकुर के हाथों होता नजर आ रहा है। बता दें कि बुलन्दशहर से तबादले के बाद बहराइच में नयी तैनाती पर आई इस महिला को विकराल घाघरा नदी से घिरे बाढ़ ग्रस्त इलाके महसी सर्किल का चार्ज मिला, जहां के हालत को नजदीक से देखकर CO श्रेष्ठा ने बीते 16 सितम्बर को बड़े भावुक अंदाज में एक पोस्ट को अपनी फेसबुक वाल पर शेयर किया था। जिसमें साफ़ तौर पर ये दर्शाया था कि ये तस्वीर मेरे महसी सर्किल के थाना बौंडी इलाके की है जहां की झलक साफ़ बता रही है कि ये असली भारत की तस्वीर है। जहां एक ढाबली में बैठे एक बुजुर्ग बाढ़ ग्रस्त इलाके के लोगों के मोबाईल फोन बैट्री से चार्ज करने का काम करते हैं, जिसके बदले उन्हें 5 रूपये मिलते हैं। क्योंकि इस इलाके में बिजली की व्यवस्था नहीं है।

रोजाना गांव वाले अपना सेलफोन चार्जिंग के लिये यहीं पर दे जाते हैं और शाम को वापस ले जाते हैं। यही नहीं छोटे बच्चों के तन पर कपड़ों का भी जबरदस्त अभाव है और स्कूल जाने के लिये इस क्षेत्र के बच्चे बिना जूता और बिना चप्पल के जाते हैं क्योंकि यहाँ के बच्चे कई किलोमीटर तक लंबा पैदल चलने के साथ ही बाढ़ के पानी से गुजर कर रोजाना आते-जाते हैं। इस नज़ारे को अपनी खुली आँखों से देख CO श्रेष्ठा ठाकुर ने बहराइच को धन्यवाद देते हुए कहा कि धन्य है बहराइच जिला जिसने हमें असली भारत की तस्वीर से परिचित कराने का काम किया। डिप्टी SP श्रेष्ठा ठाकुर की इस भावुक पोस्ट को fb वाल पर पढ़ने के बाद लखनऊ की एक स्वयंसेवी संस्था हैप्पी नेचर ने CO श्रेष्ठा से सम्पर्क साधा और बाढ़ ग्रस्त इलाके के रहने वाले बाशिंदों को ठंडक से जंग लड़ने के साथ ही तन को ढकने के लिये संजीवनी के तौर पर गर्म कपड़ों को बाटने का फैसला किया। इस सामाजिक कार्य में C.O श्रेष्ठा ठाकुर की मौजूदगी में स्वयंसेवी संस्था के लोगों ने बाढ़ ग्रस्त इलाके के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं को गर्म कपड़ों का तोहफा वितरित करने का काम किया।

ठंडक में गर्म कपड़ों का तोहफा पाकर बाढ़ पीड़ितों के चेहरे खिले

बौंडी थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव मुरौव्वा में स्वयंसेवी संस्था व पुलिस के आपसी सहयोग से बाढ़ पीड़ितों को शीतलहरी जैसी भीषण ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का तोहफा वितरित किया गया। पुलिस टीम और स्वयंसेवी संस्था के सहयोग बांटे गए गर्म कपड़े पाकर ठंड से जूझ रहे बाढ़ पीड़ितों के चेहरे निहाल हो उठे। बाढ़ प्रभावित मुरौव्वा गांव में लखनऊ की हैप्पी नेचर संस्था द्वारा वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बाढ़ ग्रस्त इलाके के सैकड़ों जरूरतमन्द लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के प्रमुख सचिव प्रद्युम्न यादव ने कहा कि हमारी संस्था एक समाजिक संस्था है। जो गरीब, असहाय, जरूरतमंद लोगों के लिये हमेशा सहयोग का काम करती है।

संस्था की सदस्य प्रिया सक्सेना ने बाढ़ ग्रस्त इलाके की व्यवस्था को देखते हुये इस क्षेत्र में हर माह अपनी तरफ से निशुल्क स्वास्थ शिविर कार्यक्रम के आयोजन का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम में भारी मात्रा में महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को संस्था की तरफ से सर्दी के सितम से निपटने के लिये गर्म कपड़े वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में मौजूदा रिसिया सर्किल की C.O श्रेष्ठा ठाकुर, पुलिस क्षेत्राधिकारी केके सिंह चौहान, हैप्पी नेचर संस्था के सदस्य विशेष यादव, ग्राम प्रधान खादिम रसूल, आरक्षी अभिनाश ,राम छबीले, अंग्रेज सिंह, छन्नू सहित तमाम लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।