सुनील शर्मा, देवरिया। लखनऊ से आई सीबीआई की टीम ने पीएनबी नारायनपुर, पथरदेवा के शाखा प्रबंधक समेत दो लोगों को घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। शाखा प्रबंधक एक रिटायर्ड शिक्षक से पेंशन पर लोन स्वीकृत करने की एवज में घूस ले रहा था। बघौचघाट थाना क्षेत्र के पिपरा भुवाल गांव के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक वीरेंद्र तिवारी ने 22 नवंबर को सीबीआई के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में शाखा प्रबंधक पर घूस मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उनका आरोप था कि शाखा प्रबंधक उनकी पेंशन पर चार लाख रुपए लोन देने की एवज में बैंक के जनरेटर संचालक को बिचौलिया बनाते हुए 40 हजार रुपए घूस मांग रहे हैं।

शिकायत की सत्यता की जांच करने के लिए सीबीआई के सब इंस्पेक्टर बृजेश राव व संतोष कुमार 23 नवंबर को देवरिया पहुंचे। उस दिन मैनेजर अवकाश पर थे। ऐसे में दोनों रूक गए। इनके बताए अनुसार वीरेंद्र तिवारी 24 नंवबर को शाखा प्रबंधक शैलेश तिवारी के पास पहुंचे, काफी मिन्नत के बाद शाखा प्रबंधक 15 हजार रुपए में कर्ज स्वीकृत करने को राजी हो गए। बातचीत के दौरान सीबीआई के दोनों इंस्पेक्टर बैंक में शाखा प्रबंधक के कक्ष के पास मंडराते रहे। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने अपना जाल बिछा दिया।

सोमवार को करीब दो बजे वीरेंद्र तिवारी 12500 रुपए लेकर प्रबंधक के पास गए, उन्होंने ढाई हजार रुपए कर्ज मिलने के बाद देने की बात कही। प्रबंधक ने इसमें से 12 हजार रुपए खुद रख लिया और पांच सौ जनरेटर संचालक सुदर्शन मद्धेशिया को देने की बात कही। वीरेंद्र तिवारी ने जैसे ही पैसे दिए वहां पर मौजूद सीबीआई टीम ने शाखा प्रबंधक और जनरेटर संचालक को दबोच लिया।

सीबीआई टीम के प्रभारी इंसपेक्टर आरके तिवारी ने बताया कि शाखा प्रबंधक शैलेश तिवारी और जनरेटर संचालक सुदर्शन मद्धेशिया को हिरासत में लेकर लखनऊ जा रही है। वहीं पर इनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज करेगी। इस प्रकरण से बैंक के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीबीआई टीम में इंसपेक्टर आरके तिवारी के अलावा सब इंसपेक्टर बृजेश राव, संतोष कुमार, राजुल गर्ग, सभाजीत चौहान और संजीव द्विवेदी शामिल रहे।