लखनऊ। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी सुर्ख़ियों में है। पहले और दूसरे चरण के मतदान में कई दिग्गजों का नाम वोटर लिस्ट में न होना चर्चा का विषय बना रहा। जिसको लेकर अब राजनीतिक दलों में खींचतान जारी है। हालाँकि अब इस गड़बड़ी की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने जांच का जिम्मा मंडलायुक्त को सौंपा है। मंडलायुक्त को 15 दिसंबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया है। राजधानी में भी ऐसी ख़बरों पर मतदान के अगले दिन डीएम ने तीन बीएलओ को सस्पेंड किया था।

गौरतलब है कि प्रदेश के निकाय चुनाव कुल तीन चरणों में संपन्न होने हैं। जिसके तहत पहला चरण बीते 22 नवम्बर को पूरा हो चुका है। वहीं निकाय चुनाव का दूसरा चरण रविवार 26 नवम्बर को हुआ। मतदान शुरू होते ही ईवीएम में खराबी की बात सामने आई। जबकि मतदाताओं के वोटरलिस्ट में नाम न होने की कई जगहों पर ख़बरें आई। इसको लेकर कई जगह बवाल की नौबत भी आ गई। मतदान केंद्र पर लोग आधार कार्ड और अन्य जरुरी पहचान पत्र लेकर वोट देने के इंतजार में खड़े रहे लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। यहाँ तक कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, डीजीपी जैसे सरीखे लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट से गायब थे।

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