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नई दिल्ली। ऐसे दौर में जब देश भर में असहिष्णुता, मार-काट, हिंसा और अत्याचार का माहौल व्याप्त हो गया है तब सहिष्णुता, भाईचारे और सद्भाव की सबसे बड़ी कोशिश बिहार से हुई है। इस कोशिश से पूरे देश के लोग, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, मंत्री और सामाजिक सरोकार से जुड़े लोग साम्प्रदायिक सद्भाव की सबसे बड़ी सीख ले सकते हैं। जी हां। जिस लालू यादव पर बिहार में जंगलराज कायम करने का आरोप लगता रहा है उसी लालू प्रसाद यादव के सुपुत्र तेज प्रताप ने ऐतिहासिक बयान दिया है। तेज प्रताप का शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण बयान देशवासियों को जरूर सुनना चाहिए।

अपने पिता की जेड प्लस सुरक्षा हटाने के फैसले की लेकर तेज प्रताप यादव की टिप्पणी राजनीतिक सद्भाव के लिए एक मिसाल बन गई है। तेज प्रताप ने जिस गंभीरता और जिम्मेदारी से अपनी प्रतिक्रिया दी उससे उभरते हुए युवा राजनेता बहुत कुछ सीख सकते हैं। तेज प्रताप यादव ने कहा है कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की खाल उधेड़ दूंगा।

यही नहीं राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के लिए भी उनका शांति से लबालब बयान भी आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं सुशील मोदी को उनके घर में घुसकर मारूंगा। भले ही भारतीय जनता पार्टी को तेज प्रताप सिंह यादव का शांति सन्देश बुरा लगा हो लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भाजपा सही कह रही है। मीडिया में और सार्वजनिक मंचों पर तेज प्रताप सिंह यादव के बयान को सराहने वालों की जमात काफी लम्बी है। 

देश के कई बुद्धिजीवियों ने तेज प्रताप यादव के बयान की सराहना की हैै! दबीश कुमार ने तो इसे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण बयान करार दिया है वहीं ओम टानवी ने इसे साहस का पर्याय बताते हुए कहा है कि तेज प्रताप का बयान राजनीतिक सौहार्द की किताब में स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। 

युवा नेता टन्हैया कुमार ने भी तेज प्रताप का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि अगर खाल का सही इस्तेमाल हो तो कई गरीब भाइयों को रोजगार मिल सकता है।भारतीय राजनीति में मोदी की खाल और तेज प्रताप यादव की खाल उधेड़ने का जज्बाबहुत कुछ कहता है। 

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