विजय त्रिपाठी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के दूसरे चरण में भारी अव्यवस्था के बीच मतदान संपन्न हो गया। सभी 25 जिलों में लगभग एक ही सा हाल रहा। मतदाता सूची में गड़बड़ी ईवीएम में खराबी और फर्जी वोटिंग का मामला दिनभर सुर्खियों में छाया रहा। बात राजधानी लखनऊ की करें तो यहां मतदान प्रारंभ होते ही कई जगह ईवीएम में खराबी होने की बात सामने आई। हालांकि प्रशासन ने इसे आनन-फानन में दुरुस्त करने की पूरी कवायद की लेकिन उसके बाद मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर मतदाताओं ने गदर काट दिया तो कई जगह फर्जी वोटिंग की शिकायतें भी सामने आईं जिसको लेकर मतदाताओं में रोष था।

मतदाता सूची को राज्य निर्वाचन आयोग आखरी दम तक दुरुस्त कर लेने की बातें करता रहा लेकिन आयोग के दावे कई जगह हवा हवाई साबित हो गए। जिसको लेकर कई जगह मतदाताओं में काफी आक्रोश था तो कई जगह लोगों ने प्रदर्शन भी किए। राजधानी लखनऊ की अगर बात करें तो आम मतदाताओं के साथ ही कई VIP भी जैसे कलराज मिश्रा, रीता बहुगुणा जोशी और यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी सुलखान सिंह भी वोट नहीं डाल पाए। हालांकि चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने इसे छोटी मोटी घटना बताते हुए अपनी पीठ थपथपाना शुरू कर दिया है।

लेकिन अंदरखाने आयोग भी जिलाधिकारियों के माध्यम से रिपोर्ट मंगवा रहा है कि आखिर कमी कहां रह गई। इसका असर राजधानी में दिखा और नींद से जागे डीएम ने तीन बीएलओ को सस्पेंड कर दिया। अब देखना यह होगा कि अभी तीसरे चरण का जो चुनाव बाकी है, क्या उसमें भी यह कमियां सामने आएंगी?

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