लखनऊ। प्रदूषण पूरे देश के लिए नासूर बनता जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली हो या प्रदेश की राजधानी लखनऊ या फिर अन्य महानगर वर्तमान में सभी प्रदूषण की जद में हैं। इन जगहों पर प्रदूषण के खतरनाक स्तर को पार कर जाने को लेकर सभी चिंतित हैं और इससे मुक्ति पाने के लिए प्रभावी रास्तों की तलाश कर रहे हैं। वहीँ इस समस्या पर चर्चा के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन एमिटी विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में करने की तैयारी है।

एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर आगामी 29 नवम्बर से लेकर 01 दिसम्बर तक महिलाओं की सेहत पर पर्यावरण प्रदूषण के प्रभाव (इम्पैक्ट ऑफ इनवार्यमेंट ऑन वूमेन्स हेल्थ) विषय पर एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। सम्मेलन में देश-विदेश के जाने-माने पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक और शिक्षाविद् शामिल होंगे। एमिटी लखनऊ परिसर की डीन शोधकार्य, विज्ञान एवं तकनीकी प्रो. कमर रहमान ने बताया कि सम्मेलन में देश-विदेश के 30 से भी ज्यादा विख्यात शख्सियतें शिरकत करेंगी। उन्होंने कहा कि आज जबकि प्रदूषण अखबारों की सुर्खियां बनी हुई है ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि हम इस समस्या की गंभीरता को पहचाने और इसके समाधान के रास्ते तलाशें।

प्रो. रहमान ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय राज्यमंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अनुप्रिया पटेल करेंगी। इसके अलावा अतिरिक्त महानिदेशक, आईसीएमआर, डॉ. संजय मंडल कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के संस्थापक अध्यक्ष डा. अशोक चौहान भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इनवार्यन्मेंटल हेल्थ साइंसेज एण्ड नेशनल टाक्सिकोलाजी प्रोग्राम, नार्थ कैरोलीना, यूएसए की निदेशिका डॉ. लिंडा ब्रिंबम उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता होंगी।

सम्मेलन के दूसरे दिन वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर चर्चा के लिए हावर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए की नाडादौर बतौर सत्र अध्यक्ष शामिल होंगी। हावर्ड स्किल ऑफ पब्लिक हेल्थ की फ्रैंकिन लादेन वायु प्रदूषण के दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डालेंगी। इनके अलावा स्कूल ऑफ मेडिसिन, न्यूयार्क यूनिवर्सिटी, यूएसए की प्रो. जूडी जेलिकॉफ, वाशिंगटन विश्वविद्यालय, यूएसए की कैथरीन कार, सीएसआईआर-एनईईआरआई, नागपुर के मुख्य वैज्ञानिक के. कृष्णमूर्ति, एमिटी विश्वविद्यालय, हरियाणा के पीसीएस देवरा भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। सम्मेलन के सत्र ग्लोबल क्लाईमेट चेंज का महिलाओं पर प्रभाव के दौरान चर्चा के लिए सीएसआईआर-आईआईटआर, लखनऊ के निदेशक आलोक धवन और निदेशक सीएसआईआर-एनबीआरआई, लखनऊ एस.के. बारिक सम्मेलन में शामिल होंगे।

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