• संस्थान के वार्षिक¨महोत्सव ‘मिलांज: द ब्लेंड आॅफ आर्ट 2017’ में छात्राअों ने बिखेरा जलवा
  • फैशन शो में छात्राअों ने लूटी वाहवाही, एथनिक, पश्चिमी स्टाइल के परिधानों को भी मिली खासी सराहना

नई दिल्ली। इंटरनेशनल वूमेन पाॅलिटेक्निक (आईडब्ल्यूपी) की छात्राअों के लिए आज का दिन शानदार रहा। उनके लिए हर किसी के मुख से एक मात्र शब्द ‘वाह’ ही निकल रहा था। फैशन शो हो या उनके द्वारा बनाए गए परिधानों का प्रदर्शन, सभी ने उनकी प्रतिभा देखकर दातों तले अंगुली दबा ली। उनके द्वारा डिजाइन किए गए एथनिक, भारतीय-पश्चिमी और पश्चिमी स्टाइल के परिधानों को खासी सराहना मिली। इसके साथ ही छात्रों के द्वारा पेश किए गए नाटक, संगीत, नृत्य आदि ने भी वार्षिकोत्सव की खूब रौनक बढ़ाई। यह सब आईडब्ल्यूपी के सालाना वार्षिकोत्सव ‘मिलांज: द ब्लेंड ऑफ आर्ट 2017’ में देखने को मिला। इसका आयोजन नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुआ।

कार्यक्रम में कमलजीत शेहरावत (मेयर, साउथ दिल्ली, मुन्सिपल कारपोरेशन) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और आईडब्ल्यूपी के प्रबंध निदेशक विशाल निझावन ने कार्यक्रम की मेजबानी की। इसके अलावा कार्यक्रम में वीणा शर्मा (एमसीडी, पार्षद, जनकपुरी), शिवानी वजीर (पूर्व मिस इंडिया और सेव द टाइगर प्रोजेक्ट की ब्रांड एम्बेसडर), सृष्टि कौर (मिस टीन यूनिवर्स 2017), मिस मानसी मिधा (प्रख्यात मेकअप आर्टिस्ट), अक्षय वाधवा (प्रख्यात फैशन डिजाइनर), मिस शालिनी गुप्ता (प्रख्यात फैशन डिजाइनर एवं संस्थापक -काइशा), सोनल सिंह (मिस एशिया यूनिवर्स) मिस सोनल बेदी (प्रख्यात इमेज कंसलटेंट) आदि शामिल रहे।

‘मिलांज’ से छात्राअों की तमाम जानकारियां हासिल हुईं और फैशन व लाइफस्टाइल क्षेत्र का व्यावसायिक अनुभव हासिल हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राअों के उद्योग के दिग्गजों के साथ ही ऐसे सक्रिय पेशेवरों से रूबरू कराने की कोशिश भी की गई, जो खुद बाजार के प्रतिस्पर्धी माहौल का सामना कर चुके हैं। उन्होंने छात्राअों को परामर्श देने के अलावा उनके साथ अपने मूल्यवान विचार भी साझा किए। इसके माध्यम से छात्राअों ने पढ़ाई के बाद सामने आने वाली मुश्किलों को समझा और उन्हें खुद के भीतर काम करने का जज्बा विकसित करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमलजीत शेहरावत (मेयर, साउथ दिल्ली, मुन्सिपल कारपोरेशन) ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मिलांज का हिस्सा बनना मेरे लिए एक बड़े सम्मान की बात है। यह अवसर इस गतिशील उद्योग में शिक्षा के दोहन के लिए आवश्यक जुनून, ज्ञान और जानकारियों की उपलब्धता का एक अनूठा मिश्रण है। यह हकीकत है कि इस दौर में तमाम प्रतिभाशाली छात्राओं को अपनी क्षमताओं के प्रदर्शन के लिए मंच और पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते हैं, वहीं मिलांज एक ऐसा मंच है जो कारोबारी समुदाय के साथ काम करने के लिए छात्राओं को पेशेवरों का एक नेटवर्क और अवसर मुहैया कराता है। इससे उन्हें संवाद का मौका मिलता है, जहां वे ऐसे लोगों को खोज सकते हैं। जो उन्हें दीर्घकाल में संरक्षक के रूप में सहयोग दे सकते हैं।

आईडब्ल्यूपी के प्रबंध निदेशक विशाल निझावन ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय से महिलाओं के स्तर में सुधार करना हमारा प्रमुख उद्देश्य रहा है। पाॅलिटेक्निक का हमेशा से मुख्य उद्देश्य हर आयु वर्ग व हर समुदाय की महिलाअों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराना और एेसी जानकारियां देना रहा है, जिससे उन्हें आत्म-निर्भर बनने में मदद मिले। मिलांज के माध्यम से हम महिलाओं को मजबूत उद्देश्यपूर्ण और आत्मविश्वासी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

पाॅलिटेक्निक की छात्राअों ने फैशन शो में तमाम परिधानों का प्रदर्शन किया, जिन्हें उन्होंने न सिर्फ डिजाइन किया था बल्कि उन्होंने फैब्रिक, ड्राफ्टिंग, स्केचिंग, एंब्राॅइडरिंग और फिनिशिंग भी खुद ही दी थी। यह पाॅलिटेक्निक की शिक्षा का एक अहम पहलू है, जिससे छात्राअों का आत्मविश्वास बढ़ता है और लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए जोश बढ़ता है। आखिर में फैशन शो में सभी श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राअों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान छात्राएं बेहद खुश नजर आईं, लेकिन अपनी बेटियों की क्षमताअों अौर आत्मविश्वास को देखकर अभिभावक उनसे भी ज्यादा खुश नजर आए।

आॅडिटोरियम में मौजूद जज, मेहमान आदि सभी आईडब्ल्यूपी को लेकर बेहद खुश नजर आये, जिसने अपनी छात्राअों की छिपी हुई प्रतिभाअों को सामने लाने का शानदार प्रयास किया। आज के कार्यक्रम में जनकपुरी सेंटर की अनुष्ठा मिस आईडब्लुपी रहीए वही पर जनकपुरी सेंटर की साहिबा दूसरे और मॉडल टाउन की प्राची खन्ना तीसरे स्थान पर थी।

संस्थान के बारे में ‘मिलांज: द ब्लेंड आॅफ आर्ट 2017’ इंटरनेशनल वूमेन पाॅलिटेक्निक का सालाना आयोजन है, जिसमें फैशन शो, नृत्य अौर संगीत कार्यक्रम, नाटक आदि कार्यक्रम होते हैं अौर मिस आईडब्ल्यूपी का चयन होता है। आईडब्ल्यूपी का संचालन एक ट्रस्ट कुंदन लाल गोविंद राम एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट महिलाअों को वैश्विक स्तर के मानदंडों के बराबर खड़ा करने के लिये उनके आत्मविश्वास, क्षमताओं को आकार देता है। संगठन को भरोसा है कि ऐसे प्रयासों से महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता, महिला अधिकारों को सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही महिलाअों के प्रति भेदभाव, हिंसा पर भी रोक लगाई जा सकेगी और महिलाओं के प्रति समाज के व्यवहार में भी बदलाव लाया जा सकेगा।

आईडब्ल्यूपी बीते 15 साल से काम कर रहा है और चुनिंदा व्यावसायिक कोर्सों और गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षित कर रहा है और प्रशिक्षण दे रहा है, जो उन्हें सम्मानित नौकरी दिलाने और आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होते हैं। जो उन्हें सम्मानित नौकरी दिलाने और आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होते हैं। हम विषय केंद्रित शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, इसीलिए हमारा व्यक्तित्व और कौशल विकास कार्यशालाअों, सुरक्षा जागरूकता पर जोर रहता है। साथ ही इससे दिल्ली पुलिस और तमाम एनजीअो की मदद से महिलाअों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलती है। आखिर में महिलाअों की वास्तविक ताकत उनकी प्रतिभा है, जो ‘मिलांज: द ब्लेंड आॅफ आर्ट 2017’ में निखरकर सामने आती है।