इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान में सरकार के विरोध में हो रहे विरोध-प्रदर्शन में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। यह प्रदर्शन अब हिंसा का रूप ले चुका है। सुरक्षा बलों ने कट्टरपंथियों को नियंत्रितत करने की कोशिश में एक पुलिस के जवान के साथ 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हिंसक विरोध-प्रदर्शन में अब तक 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए है। हालत इतने बेकाबू हैं कि पाकिस्तान सरकार सेना बुलानी पड़ी। इसके साथ-साथ पाकिस्तान में फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसी सोशल साइट को ब्लॉक कर दिया गया है।

बीते कई दिनों से सड़क जाम किए कट्टरपंथियों के खिलाफ बल प्रयोग से सरकार कतरा रही थी। शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सड़क जाम हटाने संबंधी आदेश का पालन नहीं कराने पर देश के गृह मंत्री अहसान इकबाल के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर दिया। पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के घर की ओर जाने वाले सभी रास्तों की बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहां भारी संख्या में पुलिस के एलिट कमांडो तैनात किए गए हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति बहाली के लिए अनिश्चितकाल तक सेना तैनात रहेगी। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत यह कदम उठाया है। बता दें कि तहरीक-ए-लबाइक, सुन्नी तहरीक पाकिस्तान आदि संगठनों के दो हजार से अधिक आंदोलनकारियों ने पिछले दो सप्ताह से रावलपिंडी-इस्लामाबाद और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को जोड़ने वाली सड़क पर कब्जा कर रखा था। प्रदर्शनकारी कानून मंत्री जाहिद हमीद के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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