नई दिल्ली। पाकिस्तान में हाफिज सईद ने रिहा होते ही फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाया है। हाफिज ने कश्मीर पर बोलते हुए कहा कि एक दिन कश्मीर जरूर आजाद होगा। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने हाफिज की रिहाई को सही ठहराया है। पाकिस्तान ने सईद की रिहाई को सही ठहराते हुए कहा कि इस्लामाबाद आतंकियों पर यूएनएसएसी प्रतिबंध लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि जमात उद दावा के प्रमुख लश्कर ए तैयबा के संस्थापक सईद पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सईद की रिहाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंकवाद फैलाने वाले लोग और समूह जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी का दजार् दे रखा है, उनको न्याय के कटघरे में लाने में पाकिस्तान की सरकार बिलकुल भी गंभीर नहीं है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रतिबंधित आतंकियों को मुख्यधारा में लाने का पाकिस्तान का ये घृणित प्रयास है।

भारत के विदेश मंत्रालय की टिप्पणी के जवाब में पाकिस्तान के विदेश कायार्लय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कल रात बयान में कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का प्रतिबंध कानून 1267 लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस सिलसिले में कई कदम भी उठाए गए हैं। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान में अदालतें अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभा रही हैं और वह पाकिस्तान के सभी नागरिकों के लिए कानून का शासन कायम करने और उचित प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वहीं हाफिज की रिहाई पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व उपनिदेशक माइकल मोरेल ने ट्वीट कर कहा, ‘सईद आतंकी है। वह कश्मीरी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और अल कायदा के साथ मिलकर हमले करता है।’ दक्षिण एशियाई आतंकी संगठनों की विशेषज्ञ क्रिस्टीन फेयर ने ट्वीट कर कहा, ‘हाफिज सईद की रिहाई से पाकिस्तान में आतंकियों का राजनीति की मुख्यधारा से जुड़ना पूरा हुआ। जेयूडी आइएस से जुड़ा नहीं है, यह कहना कितना बड़ा धोखा है।’

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