राजीव शर्मा, बहराइच। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भारत- नेपाल बॉर्डर की सरहद से लगे रुपईडीहा इलाके में धड़ल्ले से बनाये जा रहे आधार कार्ड की भनक लगते ही सरहद पर लगी तमाम सुरक्षा एजेंसियों के पांव तले की जमीन खिसक गयी है। इस बात की जानकारी लोगों को तब पता चली जब सोशल मीडिया पर एक नेपाली सुरक्षाकर्मी का बना आधार कार्ड सहित पूरा ब्यौरा बड़ी तेजी के साथ वायरल होने लगा।

भारत-नेपाल सीमा रुपईडीहा इलाके में संचालित एक जनसेवा केंद्र से बने नेपाल राष्ट्र के रहने वाले एक नेपाली नागरिक का अवैध तरीके से बना आधार कार्ड के द्वारा दो देशों की नागरिकता का मामला सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। नेपाली नागरिक के नेपाल में बने निर्वाचन कार्ड व भारतीय आधार कार्ड की फोटो जैसे ही सोशल साईट पर वायरल हुई तो सरहद पर तैनात सारे सुरक्षा-तंत्र के होश उड़ गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी जुगुल किशोर ने तत्काल रुपईडीहा की पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। बताया जाता है कि इंडो-नेपाल सीमा रुपईडीहा क्षेत्र में संचालित जनसेवा केंद्र से अवैध तरीके से आधार कार्ड बनवाने वाला व्यक्ति नेपाल पुलिस का इंस्पेक्टर है।

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रुपईडीहा पुलिस ने संदिग्धता के आधार पर स्थानीय जनसेवा केंद्र के संचालक को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। सूत्रों की मानें तो नेपाल बॉर्डर स्थित रुपईडीहा थाना क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के दस्तावेजों के जरिये फर्जी तरीके से करीब एक हजार नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड बनाये गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक फोटो व आधार कार्ड के साथ नेपाल निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान-पत्र व नेपाल सरकार के आंतरिक राजस्व विभाग द्वारा जारी स्थायी लेखा नम्बर परिचय-पत्र से संबंधित दस्तावेज वायरल हुआ है। एसपी जुगुल किशोर ने बताया कि नेपाल निर्वाचन आयोग के मुताबिक, बांके जिले के नेपालगंज निवासी निर्मल शाह पुत्र गणेश नेपालगंज उप महानगर पालिका का मतदाता है। उसे आयोग द्वारा मतदाता पहचान-पत्र (15437772) जारी किया गया है। उसकी पत्नी का नाम नेहा शाह व मां का नाम तोला कुमारी है। 

इसी तरह नेपाल सरकार के आंतरिक राजस्व विभाग द्वारा स्थायी लेखा नंबर परिचय-पत्र जारी किया गया है। जिसमें पता रुकुम जिला अंकित है। निर्मल शाह के नाम से भारत में जारी होने वाला आधार कार्ड (438627160633) बनाया गया है जो कि अवैध है। सोशल मीडिया पर वायरल आधार में पते वाला दूसरा हिस्सा नहीं है। आधार कार्ड किस पते पर बनाया गया है। इसकी जांच कराई जा रही है।

एसपी के निर्देश पर रुपईडीहा थाना प्रभारी आलोक राव को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसओ आलोक राव ने रुपईडीहा कस्बे में संचालित एक जनसेवा केंद्र संचालक को शक के आधार पर हिरासत में लिया है। पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस संचालक के पास से पुलिस को फर्जी मोहर, पहचान-पत्र व भारी मात्रा में फर्जी कागजात मिले हैं। पुलिस के अलावा लोकल इंटेलिजेंस, एसएसबी, आईबी व अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया तंत्र चौकन्ना हो गया है।

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