मुंबई। अदाकारा शेफाली शाह का कहना है कि एक उम्र के बाद फिल्म जगत में महिलाओं को किरदार मिलना काफी मुश्किल हो जाता है। शादी के बाद अदाकाराओं के लिए किरदारों की कमी होने के सवाल पर शेफाली ने कहा कि भेदभाव इससे कहीं अधिक है। अदाकारा ने कहा कि ऐसा सिर्फ उनके शादी करने के बाद नहीं होता बल्कि एक उम्र के बाद उन्हें (निर्माताओं को)  ये नहीं पता होता कि अभिनेत्री को कैसे किरदार दिए जाएं। एक तरह से किरदार मिलना ही मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता होता कि अभिनेत्रियों के साथ इस दौरान क्या किया जाए, उन्हें कैसे किरदार दिए जाएं। मुझे नहीं लगता कि इसका शादी से कोई लेना देना है, मुझे लगता है कि यह इससे कई अधिक बड़ा और व्यापक भेदभाव है। सत्या की अदाकारा का मानना है कि चीजों को छोटे स्तर पर बदलने की आवश्यकता है।

शेफाली ने कहा, कई बेहतरीन किरदार लिखे जा रहे हैं। मुझे यह स्वीकार करना होगा। विद्या बालन के लिए किरदार लिखे जाते हैं, लिपस्टिक अंडर माय बुर्का, पिंक जैसी महिला केंद्रित फिल्में बनाई जा रही है। अभिनेत्री ने यह बयान अपनी लघु फिल्म जूस के लांच पर दिया।

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