विजय त्रिपाठी, लखनऊ। गरुवार को यूपी पुलिस ने ‘पुलिस झंडा दिवस’ मनाया। 23 नवंबर 1952 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पुलिस को ध्वज प्रदान किया था। इसी अवसर पर पूरे देश में आज ही के दिन मनाया जाता है झंडा दिवस। यूपी पुलिस के डीजीपी सुलखान सिंह ने पुलिस मुख्यालय में झंडा फहराया और परेड की सलामी ली। जिसके बाद राष्ट्रगान कि धुन बजाई गई और ध्वज को सलामी भी दी गई।

इसके उपरान्त पुलिस विभाग के मुखिया सुलखान सिंह ने पुलिस कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस कोई साधारण पुलिस नही है। यूपी पुलिस की एसटीएफ को देखते हुए अन्य राज्यों ने एसटीएफ का गठन किया। ये हमारे लिए गर्व की बात है। पुलिस के समक्ष विभिन्न तरह की चुनौतियां होती हैं परंतु आतंकवाद हो या आपराधिक दृष्टिकोण हो, यूपी पुलिस संवेदनशील है।

उन्होंने बताया कि ये ध्वज या इसका रंग कोई कपड़े का टुकड़ा नहीं बल्कि पुलिस विभाग के स्वाभिमान और शौर्य का प्रतीक है और ये हमारी शान व इज़्ज़त है। इससे हमारी एक अलग पहचान बनती है। नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार के कारण यूपी पुलिस कमज़ोर पड़ जाती है जिसे सुधारने की ज़रूरत है। कई अधिकारियों की शिकायत यूपी पुलिस की छवि को धूमिल करती है।

पुलिस कर्मियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों की रक्षा करना हमारा धर्म है। पुलिस को देखकर नागरिक भयभीत ना हो, यूपी पुलिस का व्यवहार मित्र पुलिस का बना रहे ये प्रयास करने होंगे। यूपी पुलिस की ज़िम्मेदारी बढ़ रही है। पुलिस झंडा दिवस पर डीजीपी सुलखान सिंह ने समस्त पुलिसकर्मियों को बधाई दी। प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को डीजीपी ने पुलिस झंडा दिवस पर शुभकामनाएं दी।