विजय त्रिपाठी, लखनऊ। एक ओर जहां पहले चरण के मतदान में उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज, सूचना मंत्री नीलकंठ तिवारी एवं कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन जैसे तमाम VIP मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं। वहीं दूसरी ओर राजधानी के विद्यावती तृतीय वार्ड में एक ही मकान में 83 वोटर मौजूद हैं। निर्वाचन आयोग आखिर किन आधार पर दावे कर रहा है कि चुनाव की सारी तैयारियां पूरी है।

पुलिस प्रशासन आज हुए मतदान में जहां छुटपुट घटनाओं को मामूली बताकर शांति रूप से मतदान संपन्न होने का दावा कर रहा है। हालांकि कल फैजाबाद में किन्नरों ने पुलिस थाने में घुसकर उत्पात मचाया जिससे आज पुलिस प्रशासन काफी सतर्क था। चुनाव के पहले मैराथन बैठकों का दौर चला। कई अधिकारियों को समझाया गया लेकिन फिर भी आयोग के कर्मचारी हर व्यक्ति का नाम वोटिंग लिस्ट में शामिल करने में हर बार क्यों पीछे रह जाते हैं यह भी बड़ा सवाल है।

आजादी के बाद से आज तक यूपी में जितने भी चुनाव हुए हैं एवं कई मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं उन्हें हर बार कभी न कभी वोटिंग लिस्ट से अपना नाम गायब हो जाने की शिकायत दर्ज करानी पड़ती है। लेकिन फिर भी आयोग इस पर सख्त रुख क्यों नहीं अपनाता यह भी गौर करने वाली बात है। हालांकि उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज का वोटिंग लिस्ट से नाम गायब होने पर वहां के बीएलओ को निलंबित कर दिया गया है और जांच की जा रही है कि आखिर चूक कहां हुई।

लखनऊ समेत अन्य कई जिले अभी मतदान के लिए बाकी हैं। जिनकी तारीख 26 नवंबर तय है। उससे पहले आयोग के पास अभी कई शिकायतें आ रही हैं। जिनमें कहीं लिस्ट में नाम गायब है तो कहीं किसी मकान में 83 से ज्यादा वोटर मौजूद हैं। आयोग इन चुनौतियों से कैसे निपटेगा और आखिर कब तक यह समस्याएं खत्म होगी इसका सभी को इन्तजार रहेगा।