नई दिल्ली। दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का बुधवार को सफल परीक्षण किया गया। बुधवार को ब्रह्मोस मिसाइल को सुखोई से फायर टेस्ट सफल रहा। टेस्ट के लिए हल्के मिसाइल का प्रयोग किया गया। हालांकि फिर भी अभी तक के परीक्षण में यह सबसे वजनी मिसाइल था। मिसाइल का वजन 2.4 टन था।

भारत को रक्षा क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली है। बुधवार को सुखोई फाइटर प्लेन से ब्रह्मोस मिसाइल को फायर करने का टेस्ट सफल रहा है। वैसे ब्रह्मोस मिसाइल का वजन 2.9 टन होता है। यह टेस्ट बालासोर टेस्ट फायर रेंज के ऊपर किया गया। दो इंजन वाले सुखोई-30 MKI फाइटर जेट से ये टेस्ट किया गया।

टेस्ट को लेकर पहले ही चीन और पाकिस्तान ने चिंता जाहिर की थी। बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल आवाज की गति से 3 गुना ज्यादा गति से हमला करने में सक्षम है। सुखोई के साथ इसके सफल परीक्षण के बाद सेना को और ताकत मिलेगी। ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और ये कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है जिसकी वजह से यह मिसाइल रडार की फकड़ में नहीं आती है।

ब्रह्मोस का 12 जून, 2001 को सफल लॉन्च किया गया था। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है।

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