विजय त्रिपाठी, लखनऊ। आयकर विभाग की रडार पर आए सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव पर आज मंत्री की नजरें तिरछी हो गईं। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज अनियमितता के मामले में राजेश्वर सिंह यादव के साथ दो अन्य इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुहिम चरम पर है।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज वित्तीय अनियमितता के आरोप में तीन इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव, जीसी अग्रवाल व बीपी सिंह को निलंबित कर दिया है। नोएडा में तैनात सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के सात शहर के 21 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। इस दौरान भ्रष्ट इंजीनीयर के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति मिली थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका संज्ञान लेते हुए आज राजेश्वर सिंह यादव को निलंबित कर दिया है।

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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह यादव के दिल्ली व नोएडा सहित कई ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा पड़ा था। सात शहर में राजेश्वर सिंह यादव के 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। आयकर विभाग ने यह सभी कार्रवाई अवैध संपत्ति तथा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की थी। आज सिचाईं मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभाग में बड़ी कार्यवाई करते हुए सबको चौंका दिया।

सरकारी धन का अपव्यय करने वाले विभाग के 36 अफसरों को निलंबित किया गया है। इस विभाग में अब तक 106 के खिलाफ कार्यवाई कराई जा चुकी है। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राजेश्वर सिंह यादव को अनियमितता के मामले में निलंबित किया गया है। साथ ही डीपी सिंह को भी बाढ़ से संबंधित परियोजनाओं में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया गया है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग में सभी दागी अफसर अब निशाने पर हैं। सरकारी धन का अपव्यय करने वाले 36 अफसरों को निलंबित किया है अब तक। 106 के खिलाफ विभागीय कार्यवाई कराई जा रही है।

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