नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बॉलीवुड फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगाने संबंधी याचिका को अस्वीकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका लौटाते हुए कहा कि इसपर सेंसर बोर्ड ही ले। कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड किसी भी फिल्म को प्रमाणपत्र देने से पहले सभी पहलूओं पर गौर करता है।

उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि रिलीज से पहले फिल्म को प्रमाणपत्र देने के संबंध में सेंसर बोर्ड के पास अनुपालन के लिये पर्याप्त दिशा-निर्देश हैं।

पीठ सिद्धराजसिंह एम. चूडासामा और 11 अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दायर याचिका में अनुरोध किया गया था कि प्रतिष्ठित इतिहासकारों की एक समिति बनाई जाय जो फिल्म पद्मावती के फिल्मांकन में किसी गलती को रोकने के लिए पटकथा की जांच करे।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में यह भी अनुरोध किया गया था कि निर्माता-निर्देशक द्वारा फिल्म से इतिहास संबंधी कथित गड़बड़ियों को दूर करने तक फिल्म की रिलीज को प्रतिबंधित कर दिया जाय।

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